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सर्जियो गोर की भारत यात्रा से सुधरेगा भारत-अमेरिका व्यापार?
अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम Published by: आदर्श Updated Mon, 13 Oct 2025 11:48 AM IST
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भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्तों को नई दिशा देने की कोशिशें तेज हो गई हैं। रविवार को अमेरिका के नए राजदूत पद के नामित सर्जियो गोर ने भारत के वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल से मुलाकात की। दोनों के बीच यह मुलाकात करीब एक घंटे चली, जिसमें द्विपक्षीय व्यापार, निवेश बढ़ाने और व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा हुई।
यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब दोनों देशों के बीच पिछले कुछ महीनों में व्यापारिक मतभेदों के बाद फिर से संवाद की नई शुरुआत देखी जा रही है।
सर्जियो गोर अमेरिका के एक अनुभवी प्रशासनिक अधिकारी हैं, जो लंबे समय तक पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ काम कर चुके हैं। गोर को अगस्त 2025 में भारत के लिए अमेरिकी राजदूत के रूप में नामित किया गया था और हाल ही में अमेरिकी सीनेट ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी।
गोर व्हाइट हाउस में पर्सनल डायरेक्टर रह चुके हैं और उन्हें ट्रंप का ‘विश्वसनीय सहयोगी’ माना जाता है। इस कारण उनकी भारत यात्रा को ट्रंप प्रशासन की नई प्राथमिकताओं का संकेत माना जा रहा है। उनके साथ अमेरिका के डेप्युटी सेक्रेटरी फॉर मैनेजमेंट एंड रिसोर्सेज माइकल जे. रिगास भी भारत पहुंचे हैं।
गोर छह दिवसीय दौरे पर हैं, और इस दौरान वे भारत के कई शीर्ष नेताओं, कारोबारी प्रतिनिधियों और नीति-निर्माताओं से मुलाकात करेंगे।
शनिवार को सर्जियो गोर ने अपने दौरे की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात से की। इस मुलाकात को बेहद सकारात्मक बताया जा रहा है।
गोर ने बाद में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व ट्विटर) पर लिखा-
“भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी से मिलकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। अमेरिका भारत के साथ अपने संबंधों को बहुत महत्व देता है और हम आर्थिक साझेदारी को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
इसके अलावा गोर ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, और विदेश सचिव विक्रम मिस्री से भी बातचीत की।
सूत्रों के मुताबिक, इन बैठकों में दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्तों के साथ-साथ सुरक्षा, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी सहयोग पर भी चर्चा हुई।
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल के साथ हुई बैठक में सर्जियो गोर ने भारत में अमेरिकी निवेश बढ़ाने की इच्छा जताई। वहीं, भारत ने अमेरिकी प्रशासन से टैरिफ (शुल्क) नीति में नरमी लाने का आग्रह किया।
दोनों पक्षों ने फार्मास्यूटिकल, टेक्नोलॉजी, रक्षा और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्रों में निवेश के अवसरों पर भी चर्चा की।
एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, “अमेरिका और भारत के बीच व्यापार समझौते को लेकर वार्ता पुनः शुरू हो गई है और अब ठोस नतीजों की उम्मीद की जा सकती है।”
पिछले कुछ महीनों में भारत-अमेरिका संबंधों में कुछ कड़वाहट आई थी। ट्रंप प्रशासन ने भारतीय वस्तुओं पर आयात शुल्क को बढ़ाकर 50 प्रतिशत तक कर दिया था। इसमें विशेष रूप से रूसी कच्चे तेल की खरीद पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत ड्यूटी शामिल थी। भारत ने इसे “अनुचित” और “एकतरफा” करार दिया था।
इसके साथ ही, H1B वीजा नीति में किए गए बदलावों से भी भारत ने कड़ी आपत्ति जताई थी, क्योंकि इससे हजारों भारतीय पेशेवर प्रभावित हुए थे।
हालांकि, हालिया हफ्तों में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच फोन पर हुई चर्चाओं ने दोनों देशों के रिश्तों को फिर से गर्माहट दी है। अधिकारियों का कहना है कि दोनों नेताओं ने “व्यापार और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने” पर सहमति जताई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सर्जियो गोर की भारत यात्रा सिर्फ एक औपचारिक कूटनीतिक दौरा नहीं, बल्कि नए आर्थिक समीकरणों की प्रस्तावना है।
राजनयिक सूत्रों के अनुसार, ट्रंप प्रशासन आने वाले महीनों में भारत के साथ एक मिनी-ट्रेड डील पर हस्ताक्षर करने की योजना बना सकता है, जो निवेश और बाजार पहुंच के लिए महत्वपूर्ण होगी।
गोर का यह दौरा ऐसे समय पर हो रहा है जब भारत लगातार अमेरिका से तकनीकी सहयोग, रक्षा सौदों और ऊर्जा आयात में राहत की उम्मीद कर रहा है।
सर्जियो गोर की यह यात्रा भारत-अमेरिका संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है।
दोनों देशों के बीच व्यापारिक बातचीत के पुनर्जीवित होने से न केवल आर्थिक संबंध मजबूत होंगे, बल्कि यह एशिया-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक संतुलन को भी नया रूप दे सकता है।
जैसा कि खुद गोर ने कहा -
“यह केवल व्यापार नहीं, बल्कि दो लोकतांत्रिक देशों के साझा सपनों की साझेदारी है।”
भारत और अमेरिका के बीच यह नई शुरुआत आने वाले महीनों में वैश्विक अर्थव्यवस्था और रणनीतिक साझेदारी की दिशा तय कर सकती है।
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