बालाघाट जिले के आदिवासी अंचल में फैली बीमारी के बीच बच्चों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीमारी की चपेट में आकर पहले ही कई बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि कई बच्चे अब भी बीमार बताए जा रहे हैं। वहीं, बच्चों की मौत के आंकड़ों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं।
इसी बीच महामारी प्रभावित क्षेत्र में एक और बच्चे की मौत हो गई। बताया गया कि बच्चे का जिला अस्पताल में उपचार किया गया था, जिसके बाद उसे डिस्चार्ज कर दिया गया था। गांव लौटने के 10 दिन बाद उसकी मौत हो गई। हालांकि, बच्चे की मौत बीमारी के कारण हुई या किसी अन्य वजह से, यह अभी स्पष्ट नहीं है। पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण का पता चल सकेगा। उधर, क्षेत्र में बीमारी और बच्चों की मौत के बाद स्वास्थ्य सचिव और कमिश्नर के दौरे के साथ ही पूरा प्रशासनिक अमला क्षेत्र में तैनात है। वर्तमान में करीब 40 बच्चे जिला अस्पताल में भर्ती बताए जा रहे हैं।
फिर हुई तीन वर्षीय मासूम की मौत
बालाघाट के बिरसा विकासखंड के ग्राम कुंडेकसा, अडोरी, कोरका, बोंडारी और आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और उपचार तेज कर दिया है। विषैली बीमारी, खांसी, बुखार, चर्मरोग, मीजल्स, स्कैबीज और मलेरिया जैसे मामले सामने आने के बाद विभाग की टीमें लगातार घर-घर जाकर जांच और स्वास्थ्य परीक्षण कर रही हैं। इसके बावजूद बीमारी के बीच बच्चों की मौत का सिलसिला जारी है। बिरसा विकासखंड के बैगा आदिवासी अंचल में अडोरी पंचायत के उसेकलटोला निवासी बिसन धुर्वे के 3 वर्षीय बेटे आकाश की मंगलवार को मौत हो गई। इसे मिलाकर क्षेत्र में अब तक 21 बच्चों की मौत होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग अब तक आठ मौतों की ही पुष्टि कर रहा है। बच्चों की मौत के आंकड़ों को लेकर पक्ष-विपक्ष की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।
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उपचार के बाद डिस्चार्ज किया गया था
जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में बीमारी फैलने के बाद आकाश को बुखार आने पर 4 अगस्त को जिला अस्पताल लाया गया था। यहां चार दिन उपचार के बाद 8 अगस्त को उसे छुट्टी दे दी गई थी। इसके बाद परिजन उसे लेकर गांव लौट गए। बताया गया कि जिला अस्पताल से घर लौटने के तीन-चार दिन बाद उसकी तबीयत फिर बिगड़ गई और मंगलवार को उसकी मौत हो गई। हालांकि, आकाश की मौत क्षेत्र में फैली बीमारी के कारण हुई या किसी अन्य वजह से, यह अभी स्पष्ट नहीं है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। अंतिम संस्कार बुधवार को किया गया। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि बच्चे में गांव में फैली बीमारी जैसे कोई स्पष्ट लक्षण नहीं थे।
कांग्रेस ने लगाया मौत के आंकड़े छिपाने का आरोप
मामले को लेकर बैहर विधायक और जिला कांग्रेस अध्यक्ष संजय उइके ने शासन-प्रशासन पर मौत के आंकड़े छिपाने का आरोप लगाया है। विधायक ने कहा कि आकाश के इलाज में लापरवाही बरती गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिम्मेदार इस संवेदनशील मामले में अपनी गलतियों और आंकड़ों को छिपाने का प्रयास कर रहे हैं।
सीएमएचओ बोले- मौत की वजह कुछ और हो सकती है
सीएमएचओ डॉ. परेश उपलप ने बताया कि बच्चे की गर्दन में सूजन थी और उसकी गर्दन जन्म से ही एक तरफ झुकी हुई थी। उसे बचपन से ही गर्दन संबंधी समस्या थी। ऐसे मामलों में दूध या भोजन के आहार नली में जाने के बजाय श्वास नली में जाने की समस्या हो सकती है। उन्होंने आशंका जताई कि खाना या दूध श्वास नली में चले जाने से बच्चे को सांस लेने में परेशानी या घुटन हुई होगी, जिससे उसकी मौत हो सकती है। हालांकि, मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।