राजधानी के छोला मंदिर क्षेत्र में शनिवार-रविवार की दरमियानी देर रात एक भीषण हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। तेज रफ्तार एलपीजी टैंकर अनियंत्रित होकर एक मकान की दीवार तोड़ते हुए भीतर जा घुसा। उस समय परिवार गहरी नींद में था। हादसे में 7 वर्षीय मासूम खुशी गेहार की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसके माता-पिता और भाई गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना बीती रात करीब 2ः20 बजे की बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टैंकर तेज गति में था और चालक नियंत्रण खो बैठा, जिसके बाद वाहन सीधे रिहायशी बस्ती में जा घुसा। टक्कर इतनी भीषण थी कि बच्ची करीब एक घंटे तक टैंकर के पहिए के नीचे दबी रही।
हादसे के बाद मची चीख-पुकार
हादसे के बाद इलाके में चीख-पुकार और अफरातफरी मच गई। तेज धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए और मलबे में दबे लोगों को निकालने की कोशिश में जुट गए। सूचना मिलते ही छोला मंदिर और निशातपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। घायल मोनू गेहार, मनीषा गेहार और उनके बच्चों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। टैंकर की चपेट में आने से दो अन्य मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। हादसे के बाद आरोपी चालक मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस ने टैंकर को कब्जे में लेकर उसकी तकनीकी जांच शुरू कर दी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि दुर्घटना लापरवाही से हुई या किसी तकनीकी खराबी के कारण।
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कॉलोनी के लोगों में आक्रोश, मुआवजे की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। उन्होंने आरोपी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है। प्रशासनिक अधिकारियों ने भी मौके का निरीक्षण कर विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। एसीपी अक्षय चौधरी के अनुसार, दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। यह हादसा एक बार फिर शहर में भारी वाहनों की लापरवाह आवाजाही और रिहायशी इलाकों में उनकी एंट्री पर गंभीर सवाल खड़े करता है।