छतरपुर शहर के व्यस्त छत्रसाल चौराहा पर कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुतला दहन कार्यक्रम अचानक हादसे में बदल गया। मुख्यमंत्री के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं द्वारा जैसे ही पुतले में आग लगाई गई, तेज हवा और लापरवाही के कारण आग बेकाबू हो गई और आसपास खड़े लोगों को अपनी चपेट में ले लिया।
देखते ही देखते मौके पर अफरातफरी मच गई और भगदड़ जैसे हालात बन गए। इस घटना में ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मी सहित कई कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता झुलस गए। कुछ लोग धक्का-मुक्की में भी घायल हुए। घटना के तुरंत बाद घायलों को जिला अस्पताल छतरपुर की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के मुताबिक सभी घायलों की हालत स्थिर है और किसी को गंभीर खतरा नहीं है।
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इस हादसे के बाद प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं। भीड़भाड़ वाले इलाके में पुतला दहन जैसे कार्यक्रम के दौरान पर्याप्त सावधानी नहीं बरती गई, जिससे यह दुर्घटना हुई। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के संकेत दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।