छिंदवाड़ा में रोग को दूर करने वाला 'कफ सिरप' ही 9 बच्चों की मौत का जिम्मेदार बन गया। कप सिरप पीने के बाद पिछले 20 दिन में नौ बच्चों की किडनी फेल होने से मौत हो चुकी है। इनमें से ज्यादातर बच्चों ने नागपुर के निजी अस्पतालों में दम तोड़ा। मौत के ये आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। कई बच्चे अभी भी अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं।
एसडीएम शुभम यादव ने 9 बच्चों की मौत की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि छह बच्चों में 'कफ सिरप' की हिस्ट्री मिली है, जिसमें एक 'डायएथिलीन ग्लायकॉल' केमिकल को मौत का जिम्मेदार माना जा रहा है। इन बच्चों में पांच में Coldrif (कोल्ड्रिफ) और एक में Nextro-DS (नेक्सट्रॉस डीएस) की हिस्ट्री मिली है। फिलहाल दोनों सिरप को बैन कर दिया गया है।
छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर HOD डॉ. पवन नंदूरकर ने बताया कि रिसर्च में ऐसा पाया गया है 'कोल्ड सिरप' या 'कफ सिरप' बनाने के दौरान 'डायएथिलीन ग्लायकॉल' नाम के केमिकल के मिलाए जाने से इस तरह किडनी डैमेज के मामले सामने आते हैं। बैन किए गए Coldrif और Nextro-DS इन दो कफ सिरप में ये केमिकल था या नहीं ये तो जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही पता चलेगा। फिलहाल इनकी बिक्री पर रोक लगा दी गई है।