दमोह जिले में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए कलेक्टर ने जिले के सभी स्कूल, कॉलेज की एक दिन की छुट्टी कर दी है। वहीं बारिश के चलते जिले की सभी नदियां उफान पर हैं, जिससे सतधरू डैम के गेट भी खोले जा सकते हैं। नोहटा से बहने वाली गौरैया नदी में अचानक बाढ़ जैसी स्थिति देखी गई। 24 घंटे में 9 एमएम बारिश दर्ज की गई है।
प्रदेश के अन्य जिलों की तरह ही दमोह जिले में भी लगातार बारिश होने से जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त है। सभी नदियां उफान पर चल रही हैं। हालांकि अभी जिले में कहीं बाढ़ जैसे हालात नहीं बने, लेकिन जिला प्रशासन सतर्क है और एसडीआरएफ की टीम के साथ ही सभी थाना प्रभारियों को अलर्ट रहने के लिए कहा गया है। सतधरू बांध में भी बहुत अधिक पानी भर गया है।
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जल संसाधन विभाग के प्रभारी रवि दीप बेन ने बताया कि सतधरू बांध का जलस्तर 346.30 मीटर है। यह 1 मीटर और बढ़ा, तब गेट तब खोले जाते हैं। हटा की सुनार नदी सबसे पहले बाढ़ग्रस्त होती है। इसलिए यहां किनारे रहने वाले लोगों को भी सतर्क रहने कहा गया है। क्योंकि यदि रात में लगातार बारिश हुई तब निचले इलाकों में पानी आ सकता है।
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बारिश के चलते जबेरा ब्लॉक का घुटकुआं पुल दो दिन से डूबा है, जिससे दर्जनों गांव के लोगों का आवागमन बंद है। इसके अलावा सुनार और ब्यारमा नदी में भी धार चल रही है। रविवार शाम लगातार दो घंटे तेज रफ्तार में हुई बारिश से शहर आम चोपरा, सुभाष कॉलोनी के अलावा और भी क्षेत्र में अधिक बारिश होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। कलेक्टर सुधीर कोचर ने बताया भारी वर्षा की स्थिति को देखते हुए 7 जुलाई को दमोह जिले के सभी स्कूल, कॉलेजों और आंगनवाड़ियों में विद्यार्थियों के लिए अवकाश रहेगा।