ग्वालियर के चिरवाई नाका इलाके में रविवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। पहाड़ी किनारे बनी करीब 15 फीट ऊंची दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। दीवार के नीचे दबने से चाय और सिगरेट का ठेला लगाने वाली 40 वर्षीय तराना की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों का ट्रॉमा सेंटर में इलाज चल रहा है। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार, घटना रविवार सुबह करीब 6 से 7 बजे के बीच हुई। तराना रोज की तरह दीवार के पास अपना चाय और सिगरेट का ठेला लगाकर बैठी थी। इसी दौरान पहाड़ी के किनारे बनी करीब 15 फीट ऊंची दीवार अचानक ढह गई और उसके नीचे तराना सहित वहां मौजूद लोग दब गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मलबा हटाने का प्रयास किया और पुलिस व प्रशासन को सूचना दी।
हादसे में राहुल उर्फ लल्ली (42) और पप्पू गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को तत्काल ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि पप्पू मृतका तराना का देवर है। वह कुछ दिन पहले ही अपने भाई-भाभी से मिलने ग्वालियर आया था और हादसे के समय ठेले के पास ही खड़ा था।
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और राहत एवं बचाव कार्य कराया। इसके बाद मलबा हटाकर पूरे क्षेत्र को सुरक्षित किया गया। पुलिस ने मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। उनका आरोप है कि दीवार का निर्माण मानकों के अनुरूप नहीं किया गया था। लोगों का कहना है कि दीवार जरूरत से ज्यादा ऊंची बनाई गई थी और निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया। साथ ही पर्याप्त मात्रा में सरिया भी नहीं लगाया गया, जिसके कारण दीवार कमजोर हो गई और अचानक ढह गई।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। निर्माण कार्य की गुणवत्ता, तकनीकी पहलुओं और जिम्मेदार लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस हादसे ने एक बार फिर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।