ग्वालियर के जनकगंज थाना क्षेत्र स्थित नवग्रह मंदिर की पहाड़ी से एक बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। भिंड जिले के मौ की रहने वाली 15 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म, सौदेबाजी और फिर हत्या किए जाने का खुलासा हुआ है। आरोप है कि नाबालिग का प्रेमी अपने साथी के साथ उसे सुनसान पहाड़ी पर ले गया, जहां उसके साथ ज्यादती की गई। इसके बाद कथित रूप से उसे 50 हजार रुपये में बेचने की बात की गई। विरोध करने पर आरोपियों ने उसकी हत्या कर दी और बाद में शव को जलाकर सबूत मिटाने का प्रयास किया। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है।
28 मई को घर से ले गया था आरोपी
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, नाबालिग छात्रा भिंड जिले के मौ क्षेत्र की रहने वाली थी। उसका इलाके के ही रहने वाले रामू गुर्जर से प्रेम प्रसंग बताया जा रहा है।आरोप है कि 28 मई को रामू गुर्जर नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपनी बुलेट मोटरसाइकिल पर बैठाकर ग्वालियर ले आया। इसके बाद वह अपने साथी अरुण के साथ उसे जनकगंज थाना क्षेत्र स्थित नवग्रह मंदिर के ऊपर पहाड़ी पर एक सुनसान स्थान पर ले गया।
पहाड़ी पर हुई वारदात
पुलिस के अनुसार, पहाड़ी पर पहुंचने के बाद दोनों आरोपियों ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया। जब पीड़िता ने विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की गई। वह लगातार रोती रही और घर वापस छोड़ने की बात कहती रही। जांच में सामने आया है कि घटना के दौरान पीड़िता की इच्छा और सुरक्षा की पूरी तरह अनदेखी की गई।
50 हजार रुपये में सौदेबाजी का आरोप
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि वारदात के बाद मुख्य आरोपी रामू गुर्जर ने कथित रूप से अपनी ही प्रेमिका को अपने साथी अरुण के साथ 50 हजार रुपये में सौदा करने की बात की। जब नाबालिग ने इसका विरोध किया और शोर मचाने की कोशिश की, तो दोनों आरोपी बौखला गए। आरोप है कि इसके बाद उन्होंने मिलकर उसकी हत्या कर दी।
झाड़ियों में छिपाया शव
हत्या के बाद आरोपी शव को वहीं झाड़ियों में छिपाकर मौके से फरार हो गए। पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद आरोपियों ने अपने बचाव और पहचान छिपाने के लिए आगे की योजना भी बनाई। जांच में पता चला है कि 29 मई को आरोपी फिर घटनास्थल पर लौटे। इस बार उनके साथ गौरव कुशवाह नाम का एक अन्य युवक भी था। पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपियों ने शव की पहचान छिपाने और सबूत नष्ट करने के उद्देश्य से उस पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। इसके बाद वे मौके से फरार हो गए।
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गुमशुदगी की रिपोर्ट से खुला मामला
इधर, नाबालिग के घर नहीं लौटने पर परिजनों ने मौ थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। परिजनों ने पुलिस को रामू गुर्जर पर संदेह जताया था, क्योंकि वह अक्सर लड़की के संपर्क में रहता था। गुमशुदगी की जांच के दौरान पुलिस ने विभिन्न पहलुओं पर पड़ताल शुरू की और संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी।
पूछताछ में टूटा आरोपी, सामने आई पूरी कहानी
ग्वालियर और मौ थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए रामू गुर्जर को हिरासत में लिया। शुरुआती पूछताछ में वह पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन बाद में कॉल रिकॉर्ड और अन्य तथ्यों के आधार पर हुई पूछताछ में उसने कथित रूप से पूरी घटना की जानकारी दे दी। इसके बाद पुलिस ने अन्य आरोपियों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।
पहाड़ी से बरामद हुआ अधजला शव
लश्कर सीएसपी किरन अहिरवार ने बताया कि आरोपी रामू गुर्जर की निशानदेही पर जनकगंज थाना पुलिस की टीम नवग्रह मंदिर के ऊपर स्थित पहाड़ी पर पहुंची। वहां से नाबालिग का अधजला और क्षत-विक्षत शव बरामद किया गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस ने मामले में रामू गुर्जर, अरुण और गौरव कुशवाह को हिरासत में लिया है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों, फोरेंसिक जांच और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।