भोपाल जिले में प्रतिष्ठित फर्म गोवर्धन घी के नमूने जांच में विफल पाए जाने के बाद प्रदेशभर में अमानक और संदिग्ध घी के खिलाफ खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत झाबुआ जिले में भी खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम लगातार अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर घी के नमूने और स्टॉक की जांच कर रही है। अभियान के दौरान 20 जुलाई से 10 अगस्त तक जिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 1 हजार 135 लीटर घी जब्त किया गया है। जब्त घी का अनुमानित बाजार मूल्य करीब 8 लाख रुपए बताया गया है।
सोमवार को खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने थांदला में दो अलग-अलग प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की। इस दौरान फर्म प्रवीण कुमार शांतिलाल से 108 लीटर घी जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 81 हजार रुपए बताई गई है। इसके अलावा फर्म संजय कुमार राजेंद्र कुमार से बड़ी मात्रा में घी जब्त किया गया। यहां से टीम ने 827 लीटर घी अपने कब्जे में लिया, जिसकी बाजार कीमत लगभग 5 लाख 80 हजार रुपए है। एक ही दिन थांदला में हुई दोनों कार्रवाई में बड़ी मात्रा में घी जब्त होने से स्थानीय व्यापारियों में भी हलचल देखी गई।
इससे पहले रविवार को पेटलावद में भी खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने कार्रवाई की थी। यहां आदिनाथ ट्रेडर्स से 46 लीटर घी जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 33 हजार रुपए बताई गई है। वहीं सोमवार को ही झाबुआ शहर में खुशी इंटरप्राइजेस पर कार्रवाई करते हुए गोवर्धन ब्रांड का 86 लीटर घी जब्त किया गया। इसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 60 हजार रुपए बताई गई है।
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खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा जब्त किए गए घी को जांच रिपोर्ट आने तक विक्रय से प्रतिबंधित कर दिया गया है। विभाग द्वारा जब्त सामग्री के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि संबंधित घी खाद्य सुरक्षा एवं गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरता है या नहीं। यदि जांच में घी अमानक अथवा निर्धारित मानकों के विपरीत पाया जाता है तो संबंधित फर्मों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिले में इतनी बड़ी मात्रा में संदिग्ध घी जब्त होने के बाद नागरिकों में भी चर्चा तेज हो गई है। खासकर आगामी त्योहारों को देखते हुए खाद्य पदार्थों की शुद्धता और गुणवत्ता को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है। त्योहारों के दौरान घी, मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग तेजी से बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा की जा रही कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक साथ कई स्थानों पर हुई कार्रवाई से उन व्यापारियों में हड़कंप की स्थिति है, जो बिना पर्याप्त गुणवत्ता जांच के खाद्य सामग्री का कारोबार कर रहे हैं। वहीं आम नागरिकों का कहना है कि त्योहारों के दौरान बाजार में खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के कारण विभाग को लगातार जांच अभियान चलाना चाहिए, ताकि लोगों तक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री पहुंच सके।
थांदला में हुई कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार राजेश जमरा, खाद्य सुरक्षा अधिकारी राहुलसिंह अलावा और खाद्य सुरक्षा विभाग के विलसिंह मोरी मौजूद रहे। अधिकारियों की मौजूदगी में की गई कार्रवाई के दौरान संबंधित प्रतिष्ठानों से घी जब्त कर उसे जांच रिपोर्ट आने तक विक्रय से प्रतिबंधित किया गया। खाद्य आधिकारी राहुलसिंह अलावा ने बताया कि आने वाले दिनों में जिले के अन्य बाजारों और प्रतिष्ठानों पर भी खाद्य पदार्थों की जांच का अभियान जारी रहेगा। त्योहारों से पहले प्रशासन की इस सख्ती से जहां व्यापारियों में हड़कंप है, वहीं उपभोक्ताओं को भी उम्मीद है कि बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर विभाग की निगरानी और अधिक प्रभावी होगी।