नेशनल हाईवे से लेकर प्रमुख मार्गों तक मवेशियों के जमघट ने सड़क दुर्घटनाएं बढ़ा दी हैं। इस स्थिति पर संज्ञान में लेते हुए कटनी जिला प्रशासन ने अब तक 13 पशुपालकों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई है। साथ ही जनपद पंचायत स्तर पर भी 20 से अधिक पशुपालकों पर जुर्माना अधिरोपित किया गया है।
दरअसल, बारिश का मौसम शुरू होते ही बड़ी संख्या में मवेशियों का सड़कों पर डेरा लग जाता है, जो बड़े हादसों का कारण बन रहे हैं। इससे न केवल पशुओं बल्कि राहगीरों को भी जान का खतरा बना रहता है। बीते कुछ दिनों से कटनी जिले में नेशनल और स्टेट हाईवे पर सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में तेजी आई है।
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इस स्थिति को देखते हुए कलेक्टर दिलीप कुमार यादव ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत कड़ा रुख अपनाते हुए लापरवाह पशुपालकों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत अब तक 13 पशुपालकों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है, जबकि 20 से अधिक पर दो-दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इस पूरे मामले में कटनी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार डेहरिया ने बताया कि बारिश के मौसम में सड़क हादसों की संख्या बढ़ी है। जांच में सामने आया है कि अधिकतर मामलों में हाईवे पर मवेशियों का जमावड़ा दुर्घटनाओं का कारण बन रहा है। जिला कलेक्टर के निर्देश पर विभिन्न थाना क्षेत्रों में 12 से 13 एफआईआर दर्ज की गई हैं।
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साथ ही प्रशासनिक स्तर पर भी जुर्माना लगाने की कार्रवाई की जा रही है। ताजा मामला स्लीमनाबाद थाना क्षेत्र का है, जहां कैवलारी तिराहा रोड पर खड़ी गायों के कारण सड़क हादसा हुआ। इस पर पटवारी की शिकायत के आधार पर दो पशुपालकों राजेश प्रधान और राजेन्द्र गोंड़ के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है। एक जुलाई को जारी आदेश के तहत अब धारा 223 एवं पशु क्रूरता अधिनियम के अंतर्गत केस दर्ज किए जा रहे हैं। पशुपालकों की पहचान के लिए नेशनल हाईवे क्रमांक 30 पर घूम रहे मवेशियों के कान में लगे टैग को स्कैन कर मालिकों की पहचान की जा रही है। प्रशासन ने ग्रामीणों और किसानों से सड़कों पर मवेशी न छोड़ने की अपील है, जिससे सड़क हादसों में कमी लाई जा सके।