मध्यप्रदेश के कटनी जिले में चल रहे रिश्वतखोरी के खेल पर लोकायुक्त ने बड़ा शिकंजा कसते हुए जल संसाधन विभाग के प्रभारी कार्यपालन यंत्री (एसडीओ) व्ही.ए. सिद्दकी को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी अधिकारी ने एरियर्स की फाइल आगे बढ़ाने के बदले 50 हजार रुपये की मांग की थी।
जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई जबलपुर लोकायुक्त की 7 सदस्यीय टीम ने जल संसाधन विभाग परिसर स्थित आरोपी के शासकीय निवास पर की। टीम ने पूरी रणनीति के तहत ट्रैप बिछाया था। जैसे ही फरियादी ने 20 हजार रुपये की पहली किस्त सौंपी, पहले से मुस्तैद टीम ने दबिश देकर आरोपी को रंगेहाथ पकड़ लिया।
मामला वर्ष 2011-12 से लंबित एरियर्स भुगतान से जुड़ा है। सेवानिवृत्त चौकीदार कुंवरलाल रजक सहित 9 कर्मचारियों को बकाया राशि नहीं मिलने पर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा था। 30 अप्रैल 2025 को न्यायालय ने स्पष्ट आदेश जारी करते हुए लंबित एरियर्स का भुगतान करने को कहा था। आदेश के अनुसार, रजक को लगभग 8 लाख रुपये मिलना था।
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फरियादी कुंवरलाल रजक का आरोप है कि न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बावजूद संबंधित अधिकारी ने फाइल आगे बढ़ाने के लिए 50 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की। कई दिनों तक चक्कर कटवाए गए और बिना रिश्वत के भुगतान करने से इंकार कर दिया गया।
आर्थिक संकट से जूझ रहे फरियादी ने 25 फरवरी को लोकायुक्त एसपी से शिकायत की। शिकायत की पुष्टि के बाद टीम ने योजना बनाकर ट्रैप कार्रवाई की। रकम स्वीकार करते ही आरोपी को मौके पर पकड़ लिया गया। कार्रवाई के दौरान केमिकल टेस्ट और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की गईं। पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी कर साक्ष्य सुरक्षित किए गए हैं। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।