मध्यप्रदेश के कटनी जिले में खाद की समस्या लगातार गहराती जा रही है। ताजा मामला कृषि उपज मंडी से सामने आया है, जहां कटनी विपणन सहकारी समिति मर्यादित सोसाइटी में किसानों को यूरिया खाद की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। इससे आक्रोशित किसानों ने जमकर हंगामा किया।
मामले की सूचना मिलने पर कुठला पुलिस मौके पर पहुंची और किसानों की बात सुनते हुए पंचनामा कार्रवाई की। साथ ही संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया गया। इसके बाद कलेक्टर ने दोषी अधिकारियों पर निलंबन की कार्रवाई की।
किसानों का कहना है कि वे 25 किलोमीटर दूर भैंसवाही से यूरिया खाद के लिए पिछले तीन दिनों से विपणन कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। सुबह 6 बजे से लाइन में लगने के बावजूद शाम तक उन्हें खाद नहीं मिलती। किसानों का आरोप है कि रात होते ही व्यापारियों से साठगांठ कर खाद की कालाबाज़ारी की जाती है और ऊंचे दामों में बेचा जाता है।
भैंसवाही से पहुंचे किसान धर्मेंद्र कुमार मौर्य ने बताया कि वह दो दिनों से पिकअप किराए पर लेकर खाद लेने आ रहे हैं, लेकिन उन्हें हर बार “कल मिलेगा” या “परसों मिलेगा” कहकर लौटा दिया जाता है। उन्होंने कहा कि आज 60 किसान हैं, कल 150 आ जाएंगे। हम सुबह से भूखे-प्यासे लाइन में खड़े रहते हैं। यहां न पीने का पानी है, न बैठने की व्यवस्था, फिर भी खाद नहीं मिल रही।
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इसी तरह आधारकांप से पहुंचे किसान शिव सागर निषाद ने बताया कि तीन दिनों से खाद न मिलने से किसानों का गुस्सा भड़क गया और वे विपणन सहकारी समिति कटनी के बाहर जुटकर नारेबाजी करने लगे।
खाद वितरण में अव्यवस्था को देखते हुए कलेक्टर ने तत्काल संज्ञान लिया और लापरवाह कृषि विस्तार अधिकारी सीमा चौधरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। उनकी ड्यूटी उर्वरक विक्रय केंद्र, विपणन सहकारी समिति, कृषि उपज मंडी कटनी में लगाई गई थी, लेकिन वे मौजूद नहीं थीं। जबकि पिछले पांच दिनों से यहां सुबह से किसानों की भारी भीड़ जुट रही थी। इसके साथ ही विपणन सहकारी समिति मर्यादित कटनी के खाद वितरण केंद्र के सेल्समैन प्रसन्न तिवारी पर भी निलंबन की कार्रवाई की गई।