रेगिस्तानी इलाके बाड़मेर जिले में बुधवार को वीरमनगर लखेटारी गांव में घुड़दौड़ का शानदार आयोजन किया गया। इस घुड़दौड़ में शामिल होने के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में घुड़सवार और दर्शक पहुंचे। इस घुड़दौड़ का आयोजन क्षेत्र में घोड़ों के साथ साथ रोजगार के अवसर को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया था। दर्जनों घुड़सवार अपने विश्व प्रसिद्ध मारवाड़ी, मालानी और सिंधी नस्ल के घोड़ों के साथ इस आयोजन में शामिल हुए। घुड़सवारों ने बताया कि इस क्षेत्र में घोड़ों को रखने का प्रचलन सदियों से रहा है। आज भी कई लोग घोड़ों को रखते हैं, लेकिन घुड़दौड़ के अभाव में वे अपने घोड़ों का प्रदर्शन नहीं कर पाते।
घुड़दौड़ देखने के लिए आसपास के दर्जनों गांवों से लोग अपने वाहनों में सवार होकर पहुंचे। दर्शकों में इस आयोजन को लेकर काफी उत्साह था। घुड़दौड़ के दौरान घोड़ों ने अपनी गति और कौशल का प्रदर्शन किया। जिससे दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। इस रोमांचक प्रतियोगिता में तूफान की तरह दौड़ने वाले घोड़े ने बाजी मारी। घुड़सवार ने अपनी कुशलता का प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल की। विजेता को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
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आयोजकों मुताबिक पहली बार इस क्षेत्र में घुड़दौड़ का आयोजन किया गया है। बाड़मेर सहित अलग-अलग जिलों से करीब 65 घोड़े रेस में शामिल होने के लिए पहुंचे है। इसके बाद अलग-अलग कैटेगरी की कर प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इस प्रतियोगिता को आयोजित करने के पीछे घोड़े के महत्व को बढ़ावा देने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने के उद्देश्य था। पहली बार आयोजित हुए इस कार्यक्रम में अलग-अलग क्षेत्र के घुड़सवारों ने बढ़ चढ़कर उत्साह के साथ भाग लिया। पहले प्रयास में जिस तरह से लोगों का उत्साह देखने को मिला है। प्रयास रहेगा की अगली बार इससे भी बड़े स्तर का आयोजन किया जाए। कार्यक्रम में कई गणमान्य लोगों के साथ बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।