Hindi News
›
Video
›
Rajasthan
›
Barmer News
›
There will be no effect of lunar eclipse in Barmer! Holika Dahan today, know the auspicious time
{"_id":"69a50ce6f388ccbe6d0d80eb","slug":"there-will-be-no-effect-of-lunar-eclipse-in-barmer-holika-dahan-today-know-the-auspicious-time-barmer-news-c-1-1-noi1403-4008661-2026-03-02","type":"video","status":"publish","title_hn":"Barmer News: बाबाड़मेर में होलिका दहन आज, चंद्र ग्रहण का कोई असर नहीं, कल धुलंडी का उल्लास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Barmer News: बाबाड़मेर में होलिका दहन आज, चंद्र ग्रहण का कोई असर नहीं, कल धुलंडी का उल्लास
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाड़मेर Published by: बाड़मेर ब्यूरो Updated Mon, 02 Mar 2026 11:45 AM IST
Link Copied
बाड़मेर में चंद्र ग्रहण के चलते होली को लेकर थोड़ी असमंजस की स्थिति बनी थी, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार इस क्षेत्र में ग्रहण का कोई दोष नहीं है। ऐसे में सोमवार शाम को होलिका दहन और अगले दिन मंगलवार को धुलंडी का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। बाड़मेर के गांव के गुरु पंडित ओमप्रकाश जोशी ने बताया कि 3 मार्च को देशभर में चंद्र ग्रहण रहेगा, लेकिन बाड़मेर, जैसलमेर और गुजरात के कच्छ क्षेत्रों में इसका कोई प्रभाव नहीं होगा। इस वजह से बाड़मेर में 2 मार्च को होलिका दहन और 3 मार्च को धुलंडी का पर्व मनाया जाएगा।
पंडित ओमप्रकाश जोशी के अनुसार सोमवार शाम 05:56 बजे से फाल्गुन मास की पूर्णिमा के साथ भद्रा काल शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि होलिका दहन के दो शुभ मुहूर्त हैं। पहला मुहूर्त शाम 07:30 बजे से रात 09:00 बजे तक और दूसरा मुहूर्त मंगलवार सुबह 05:30 से 06:00 बजे तक रहेगा। इनमें गोधूलि वेला वाला पहला मुहूर्त श्रेष्ठ माना गया है।
उन्होंने होलिका पूजन की परंपरा भी साझा की। गाँव और मोहल्लों में लकड़ियों से होली बनाई जाती है, जिसमें एक लकड़ी को प्रह्लाद के रूप में स्थापित किया जाता है। सुहागिन महिलाएं शाम के समय होली के सामने दीपक जलाकर और मोली बांधकर विधिवत पूजा-अर्चना करती हैं और अपने परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना करती हैं।
होलिका दहन के बाद मंगलवार को धुलंडी का पर्व मनाया जाएगा। पंडित संतोष शर्मा ने भी पुष्टि की कि बाड़मेर में चंद्र ग्रहण का कोई असर नहीं होगा। इस दिन लोग एक-दूसरे को रंग, अबीर और गुलाल लगाते हैं, मिठाई और पकवान बाँटते हैं और एक-दूसरे को शुभकामनाएँ देते हैं। इस तरह बाड़मेर में इस बार होली और धुलंडी की खुशियाँ पारंपरिक तरीके से सुरक्षित और उल्लासपूर्ण माहौल में मनाई जाएंगी।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।