देश के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं। इसी बीच मध्य प्रदेश के 19 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, प्रदेश के खंडवा और हरदा जिले शुक्रवार से ही भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट पर हैं।
खंडवा में काले घने बादलों का डेरा रहा, जिसके चलते दिन में ही शाम जैसा माहौल नजर आने लगा। देर शाम मौसम ने करवट ली और सुबह से बनी गर्मी व उमस के बीच अचानक शुरू हुई तेज बारिश से मौसम सुहावना हो गया। शुक्रवार शाम से शुरू हुआ बारिश का दौर शनिवार सुबह तक भी लगातार जारी रहा।
खंडवा और आसपास के क्षेत्रों में हो रही तेज बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बारिश के कारण बाजारों की रौनक भी फीकी पड़ गई है। इस दौरान आसमान में लगातार बिजली की कड़क और बादलों की गरज से मौसम और भी भयावह नजर आया। काले घने बादलों के कारण सड़क पर चल रहे वाहनों को हेडलाइट जलाने के बावजूद आगे देखने में कठिनाई हो रही है। कई स्थानों पर सड़कों पर जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली।
तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में बिगड़े हालात
इधर, तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में हालात और अधिक खराब हो गए हैं। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण सड़कों से बहता गंदा पानी नर्मदा घाटों में पहुंच रहा है, जिससे घाटों पर गंदगी का अंबार लग गया है। देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं को सीढ़ीनुमा रास्तों से गुजरने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। श्रद्धालु एक-दूसरे का हाथ पकड़कर इन रास्तों से गुजरते नजर आए।
घाट के आसपास स्थित कई दुकानों में भी पानी भरने की सूचना मिली है। वहीं घाटों पर बंधी नावों में भी पानी भर गया, जिसे नाविक लगातार बाहर निकालने का प्रयास करते दिखाई दिए।
जिला प्रशासन के पुख्ता इंतजाम और अपील
स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है। पूरे जिले, विशेषकर ओंकारेश्वर के घाटों पर बाढ़ राहत एवं बचाव के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा की दृष्टि से तीर्थनगरी में फिलहाल नावों के संचालन और श्रद्धालुओं के नर्मदा नदी में स्नान पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
ये भी पढ़ें- MP Weather Today: मध्यप्रदेश में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, 19 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, नदी-नाले उफान पर
जिला कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने आम नागरिकों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान कोई भी व्यक्ति उफनते नदी-नालों को पार करने का प्रयास न करे, बल्कि पानी का स्तर कम होने तक इंतजार करे। उन्होंने कहा कि कई बार पानी का बहाव कम दिखाई देता है, जबकि वास्तव में वह हमारी अपेक्षा से कहीं अधिक तेज होता है। ऐसे में दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है, जिसे थोड़ी सावधानी और धैर्य रखकर टाला जा सकता है।