मध्य प्रदेश के खंडवा नगर निगम में मंगलवार देर शाम जमकर हंगामा हुआ। नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष दीपक उर्फ मुल्लू राठौर ने निगम कर्मचारियों पर आम लोगों से रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि नगर निगम में नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए चार काउंटर बनाए गए हैं, लेकिन इन पर बिना रिश्वत दिए लोगों के काम नहीं होते।
राठौर ने आरोप लगाया कि समग्र आईडी, जन्म प्रमाण पत्र, राशन कार्ड में नाम जोड़ने सहित अन्य जरूरी कार्यों के लिए आने वाले लोगों से दबी जुबान में रिश्वत मांगी जाती है। यदि कोई पैसे नहीं देता तो उसे बार-बार चक्कर लगवाकर परेशान किया जाता है। इस दौरान काउंटर पर मौजूद कुछ लोगों ने भी कैमरे के सामने अपनी परेशानी बताते हुए नेता प्रतिपक्ष के आरोपों का समर्थन किया।
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'छोटे-छोटे काम के लिए लगवाए जा रहे 10-10 चक्कर'
बातचीत में दीपक राठौर ने कहा कि लोगों को छोटे-छोटे कामों के लिए भी 10-10 बार नगर निगम के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज जब पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर के आसपास है, तब आम नागरिक अपना समय और पैसा खर्च कर बार-बार निगम पहुंच रहे हैं, लेकिन फिर भी उनके काम नहीं हो रहे। उनका आरोप है कि महापौर और निगम आयुक्त इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। राठौर ने यह भी कहा कि आए दिन काउंटरों पर विवाद और कहासुनी होती है, लेकिन शिकायतों के बावजूद व्यवस्था में कोई सुधार नहीं किया जा रहा।
'पूरा सिंडिकेट बन गया है'
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि निगम कर्मचारियों में काम करने की इच्छाशक्ति नहीं है और भ्रष्टाचार हावी हो चुका है। उन्होंने कहा कि नगर निगम में ऐसा सिंडिकेट बन गया है, जहां लोगों को पहले कई बार चक्कर लगवाए जाते हैं और बाद में वे मजबूर होकर टेबल के नीचे पैसे देने को तैयार हो जाते हैं। इसके बाद उनका काम तुरंत कर दिया जाता है। राठौर ने यह भी आरोप लगाया कि निगम की विभिन्न योजनाओं में बड़ी संख्या में अपात्र लोगों को लाभ पहुंचाया गया है, जबकि पात्र हितग्राही लगातार भटक रहे हैं। उन्होंने कहा, "जब नगर निगम में साढ़े चार करोड़ रुपये के नाश्ते के बिल लग सकते हैं, तो यहां सभी को खाने की आदत पड़ चुकी है। खंडवा नगर निगम की व्यवस्था पूरी तरह फेल हो गई है और इसकी जिम्मेदारी जनप्रतिनिधियों पर है। हालांकि, नेता प्रतिपक्ष द्वारा लगाए गए इन आरोपों पर नगर निगम प्रशासन की ओर से खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।