जिला मुख्यालय स्थित स्टेडियम मैदान पर आयोजित जिला स्तरीय सांसद खेल महोत्सव का समापन समारोह मंगलवार को उस समय विवादों में घिर गया, जब पुरस्कार वितरण के दौरान खिलाड़ियों का गुस्सा फूट पड़ा। समापन अवसर पर राज्यसभा सदस्य डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी, कलेक्टर भव्या मित्तल, पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा सहित अन्य अतिथि मौजूद थे। मंच से खिलाड़ियों को मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जा रहा था, लेकिन नकद पुरस्कार न मिलने पर माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया।
खिलाड़ियों का आरोप है कि आयोजन से पहले वेबसाइट और प्रचार में मेडल के साथ 51 हजार व 21 हजार रुपए की नकद राशि देने की घोषणा की गई थी, लेकिन समापन समारोह में केवल मेडल और प्रमाण पत्र देकर औपचारिकता निभाई गई। इससे नाराज खिलाड़ियों ने अतिथियों के सामने ही प्रमाण पत्र फाड़ दिए और मेडल हवा में उछाल दिए। कुछ खिलाड़ियों ने मेडल मैदान में फेंककर विरोध जताया। हालात बिगड़ते देख मुख्य अतिथि राज्यसभा सदस्य समारोह स्थल से रवाना हो गए।
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खिलाड़ियों ने आयोजन की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि स्टेडियम में धूप से बचाव के लिए टेंट तक नहीं लगाया गया, न ही पीने के पानी की समुचित व्यवस्था थी। कई प्रतियोगिताओं में ट्रॉफी तक नहीं दी गई। खिलाड़ियों का कहना था कि अगर पर्याप्त फंड नहीं था तो इतने बड़े स्तर पर आयोजन क्यों किया गया। मेडल तो हमारे पास पहले से ही बहुत हैं, सम्मान के साथ घोषित पुरस्कार भी मिलना चाहिए था। खिलाड़ी उर्वशी चौहान सहित अन्य प्रतिभागियों ने यह भी आरोप लगाया कि पड़ोसी जिले बड़वानी समेत कुछ अन्य जिलों में खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार दिए गए हैं, जबकि खरगोन में ऐसा नहीं किया गया। इसे उन्होंने भेदभाव करार दिया।
विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्यसभा सदस्य डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी ने कहा कि सांसद खेल महोत्सव का आयोजन प्रत्येक सांसद अपनी क्षमता और संसाधनों के अनुसार करता है। शासन स्तर से इसके लिए कोई अलग बजट जारी नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि वे निर्वाचित सांसद नहीं हैं, फिर भी खिलाड़ियों को सम्मान देने का प्रयास किया गया है।