खरगोन जिले में मंगलवार को सुबह से शुरू हुआ बारिश का दौर दिनभर जारी रहा। कभी तेज तो कभी रिमझिम बारिश के चलते शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हुआ। ऊपरी पहाड़ी क्षेत्री में हुई लगातार बारिश के कारण अपरवेदा बांध का जलस्तर भी तेजी से बढ़ा। मंगलवार दोपहर 2.30 बजे बांध का जलस्तर 316.35 मीटर दर्ज किया गया, जबकि बांध की पूर्ण भराव क्षमता 317 मीटर है। यानी बांध अब अपनी क्षमता से महज 0.65 मीटर खाली है।
बांध में लगातार ऊपरी पहाड़ी क्षेत्रों से पानी की आवक हो रही है। जलस्तर बढ़ने और निर्धारित समय सारणी के अनुसार अतिरिक्त पानी की निकासी के लिए बांध के दो गेट 1.5-1.5 मीटर खोले गए हैं। परियोजना के सहायक यंत्री शुभम दुबे ने बताया कि बारिश और पानी की आवक अधिक होने की स्थिति में गेट खोलने की मात्रा बढ़ाई जा सकती है।
निचले इलाकों में अलर्ट, पुल-रपटों पर सावधानी की अपील
बांध के गेट खोले जाने के बाद निचले हिस्से में पानी का बहाव बढ़ सकता है। इसे देखते हुए प्रशासन और परियोजना प्रबंधन ने लोगों से बांध के निचले हिस्से में स्थित पुल और रपटों से गुजरते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों को जलभराव वाले स्थानों और तेज बहाव वाले नदी-नालों को पार नहीं करने की सलाह दी गई है।
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शहर में जलभराव, सड़कें बनीं नदी
इधर, खरगोन शहर में लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। बिस्टान रोड, बिस्टान रोड तिराहा, खंडवा रोड, सनावद रोड सहित कई मुख्य मार्गों पर बारिश का पानी जमा हो गया। जलभराव के कारण मुख्य सड़कें कुछ समय के लिए नदी की तरह नजर आईं और वाहन चालकों व राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। गौरीधाम और बैंक कॉलोनी क्षेत्र में भी बारिश का पानी घरों तक पहुंच गया। कई जगह निचले हिस्सों में रहने वाले लोगों को पानी निकालने के लिए मशक्कत करनी पड़ी।
कुंदा नदी का जलस्तर बढ़ा, कुछ मार्ग प्रभावित
लगातार बारिश के चलते कुंदा नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। नदी की सहायक नदियों और नालों में भी पानी का बहाव तेज हो गया है। कुछ मार्गों पर पुल और रपटों के ऊपर से पानी बहने के कारण यातायात प्रभावित हुआ। ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश का दौर जारी रहने से प्रशासन की नजर बांध के जलस्तर, नदियों और निचले इलाकों पर बनी हुई है। खासकर अपरवेदा बांध में पानी की लगातार बढ़ती आवक को देखते हुए आने वाले घंटों में जल निकासी बढ़ाए जाने की संभावना है।