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Digvijaya Singh Terms Incident with Shankaracharya in Prayagraj as “Insult to Sanatan Dharma”
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Narsinghpur News: बरमानघाट पहुंचे दिग्विजय सिंह, नर्मदा आरती की; शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद मामले पर ये कहा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नरसिंहपुर Published by: नरसिंहपुर ब्यूरो Updated Sun, 25 Jan 2026 09:34 PM IST
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मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह शनिवार रात अपनी पत्नी अमृता राय के साथ नरसिंहपुर जिले के बरमान घाट पहुंचे। जहां उन्होंने मां नर्मदा का पूजन-अर्चन किया और महाआरती में भाग लिया। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कार्यक्रम में पूर्व सांसद रामेश्वर नीखरा, पूर्व विधायक सुनील जायसवाल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति, पूर्व लोकसभा प्रत्याशी देवेन्द्र पटेल सहित अन्य कांग्रेस नेता उपस्थित रहे और सभी ने मां नर्मदा की आरती की।
मीडिया से चर्चा के दौरान दिग्विजय सिंह ने प्रयागराज के माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ हुई घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि माघ मेले में घटी यह घटना सिर्फ एक संत का अपमान नहीं है, बल्कि “संपूर्ण सनातन धर्म का अपमान” है। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में संतों और धर्मगुरुओं का आदर सर्वोपरि रहा है और इस तरह की घटनाएं समाज में गलत संदेश देती हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने शासन-प्रशासन से इस मामले को गंभीरता से लेने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की। गौरतलब है कि ब्रह्मलीन शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती के दिग्विजय सिंह दीर्घकालीन शिष्य रहे हैं। स्वरूपानंद सरस्वती ने ही अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को ज्योतिष पीठ और सदानंद सरस्वती को द्वारका शारदा पीठ का दायित्व सौंपा था। दिग्विजय सिंह स्वयं नियमित रूप से नरसिंहपुर जिले के झोतेश्वर आश्रम में शंकराचार्य के दर्शन एवं आशीर्वाद लेने आते रहे हैं।
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