रायसेन जिले के बेगमगंज से सामने आई तस्वीरों ने चिंता बढ़ा दी है। लगातार हो रही बारिश के बीच जब प्रशासन लोगों से नदी-नालों से दूर रहने की अपील कर रहा है, तब कुछ युवा उफनते जलस्रोतों के बिल्कुल किनारे खड़े होकर सेल्फी और रील बनाने में जुटे हैं। कुछ सेकंड के रोमांच और सोशल मीडिया पर लोकप्रिय होने की चाहत में युवा अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं।
पिछले एक सप्ताह से लगातार बारिश के कारण बेगमगंज क्षेत्र की छोटी-बड़ी नदियां और नाले उफान पर हैं। कई स्थानों पर पानी सड़कों तक पहुंच गया है। प्रशासन ने संवेदनशील जगहों पर बैरिकेडिंग की है और चेतावनी बोर्ड भी लगाए हैं, लेकिन इसके बावजूद कई युवक तेज बहाव वाले नालों के किनारे पहुंच रहे हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों में 4-5 युवक उफनते नाले के किनारे पत्थरों पर खड़े दिखाई दे रहे हैं। कोई पानी में पैर डालकर फोटो खिंचवा रहा है, तो कोई बहते पानी को बैकग्राउंड बनाकर रील बना रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई नई बात नहीं है। हर बारिश के मौसम में ऐसे दृश्य देखने को मिलते हैं। कई बार समझाने के बाद भी लोग अपनी जान जोखिम में डालने से नहीं चूकते।
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार उफनती नदियों और नालों के किनारे जाना बेहद खतरनाक होता है। पहाड़ी क्षेत्रों से आने वाला पानी अचानक बढ़ सकता है। ऊपर हल्की बारिश होने पर भी नीचे तेज बहाव आ सकता है। इसके अलावा किनारों की मिट्टी और पत्थर बारिश में फिसलन भरे हो जाते हैं। ऐसे में पैर फिसलते ही व्यक्ति तेज बहाव में बह सकता है।
पिछले वर्ष प्रदेश में बारिश के दौरान सेल्फी और फोटो खींचने के दौरान डूबने के 12 से अधिक मामले सामने आए थे। इसके बावजूद लोग सबक नहीं ले रहे हैं मनोचिकित्सकों का कहना है कि सोशल मीडिया पर ज्यादा व्यूज और लाइक्स पाने की चाहत युवाओं को ऐसे खतरनाक कदम उठाने के लिए प्रेरित कर रही है।
बेगमगंज के एक कॉलेज छात्र ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया, "दोस्तों की रील पर ज्यादा व्यूज और लाइक्स आते हैं। बारिश और उफनते पानी के बीच वीडियो बनाना रोमांचक लगता है। उस समय खतरे का एहसास नहीं होता, बाद में डर लगता है।"
बेगमगंज के एसडीएम ने बताया कि क्षेत्र में धारा 144 के तहत नदी-नालों के किनारे जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। पुलिस और होमगार्ड की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माने की कार्रवाई भी की जाएगी। एसडीएम ने कहा, "लगातार मुनादी कराई जा रही है और स्कूलों में भी बच्चों को जागरूक किया जा रहा है। अभिभावकों से भी अपील है कि वे अपने बच्चों पर नजर रखें और उन्हें ऐसे जोखिम भरे स्थानों पर जाने से रोकें। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन से निगरानी बढ़ाने की भी तैयारी की है। वहीं मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे के लिए जिले में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
कुछ पल की सोशल मीडिया लोकप्रियता किसी की जिंदगी से बड़ी नहीं हो सकती। बारिश का आनंद सुरक्षित स्थान पर रहकर लें। उफनते नदी-नालों के पास जाकर सेल्फी या रील बनाने से बचें, क्योंकि एक तस्वीर दोबारा खींची जा सकती है, लेकिन जिंदगी दोबारा नहीं मिलती।