सागर से ईमानदारी और नागरिक कर्तव्य की एक अनूठी मिसाल सामने आई है। यहां गढ़ाकोटा क्षेत्र के ग्राम पंचायत रेगुवां में एक ग्रामीण को अपने मकान की खुदाई के दौरान चांदी के प्राचीन सिक्कों से भरा एक पात्र मिला। लाखों की कीमत की आशंका के बावजूद, ग्रामीण ने बिना किसी लालच के इन सिक्कों को तत्काल स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया। ग्रामीण के इस कदम की पुलिस और प्रशासन सहित पूरा इलाका सराहना कर रहा है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम रेगुवां निवासी दयाल अहिरवार (पिता प्रहलाद अहिरवार) इन दिनों अपने नए मकान का निर्माण करा रहे हैं। मकान के लिए जब मजदूर जमीन में नींव की खुदाई कर रहे थे, तभी अचानक उनका फावड़ा एक पुराने पात्र (बर्तन) से टकराया। मजदूरों ने जब उस पात्र को सावधानी से बाहर निकालकर खोला, तो सबके होश उड़ गए। उस पात्र के अंदर चमकते हुए चांदी के 49 प्राचीन सिक्के रखे हुए थे।
सिक्कों पर लिखी है उर्दू-फारसी, मुगलकाल से जुड़ाव का अनुमान
मकान में गड़ा धन मिलने की खबर फैलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। प्रारंभिक तौर पर देखने में ये सिक्के काफी पुराने और ऐतिहासिक महत्व के लग रहे हैं। सिक्कों की बनावट और उन पर अंकित उर्दू-फारसी लिपि को देखकर पुरातत्व के जानकारों का अनुमान है कि ये सिक्के मुगलकालीन हो सकते हैं। हालांकि, सिक्कों की वास्तविक प्राचीनता, उनकी धातु की शुद्धता और ऐतिहासिक महत्व का सटीक निर्धारण विशेषज्ञों की विस्तृत जांच के बाद ही साफ हो सकेगा।
बिना लालच दिखाए सीधे पहुंचे थाने
आमतौर पर गड़ा हुआ धन या कीमती वस्तुएं मिलने पर लोग उसे छिपाने का प्रयास करते हैं, लेकिन दयाल अहिरवार ने ईमानदारी की मिसाल पेश की। उन्होंने बिना किसी देरी के सीधे गढ़ाकोटा थाना पुलिस से संपर्क किया और खुदाई में मिले सभी 49 सिक्कों को पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने पंचनामा बनाकर सभी सिक्कों को नियमानुसार जब्त कर लिया है और उन्हें थाने के मालखाने में सुरक्षित रखवा दिया है।
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इस मामले में गढ़ाकोटा थाना प्रभारी शिवम दुबे ने कहा कि खुदाई में प्राचीन सिक्के मिलने की सूचना ग्रामीण दयाल अहिरवार द्वारा दी गई थी। उन्होंने पूरी ईमानदारी दिखाते हुए सभी 49 चांदी के सिक्के पुलिस को सौंप दिए हैं, जिन्हें मालखाने में सुरक्षित रखवाया गया है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार, इन सिक्कों को जांच और पुरातात्विक मूल्यांकन के लिए संबंधित पुरातत्व विभाग को भेजने की प्रक्रिया की जा रही है।