सिर पर सामान का गट्ठा और हाथों में कपड़ों की ट्रॉली लिए चाची-भतीजी रायपुर-छत्तीसगढ़ से कुबेरेश्वर धाम की यात्रा के लिए पैदल ही निकल पड़ी। अपने संकल्प पथ पर दोनों महिलाओं ने दिन देखा न रात, न पांव के छाले। रास्ते में असहनीय गर्मी, घनघोर जंगल, नक्सलाइड एरिया भी उनके हौंसले को डिगा नहीं पाया। अपने वचन को पूरा करने के लिए दोनों महिलाओं ने पांव-पांव ही 1100 किमी की दूरी तय कर दी। जब दोनों महिलाएं कुबेरेश्वर धाम पहुंचीं तो पंडित प्रदीप मिश्रा ने सीहोर में चल रही ऑनलाइन शिवमहापुराण के दौरान व्यासपीठ से उनकी अटूट श्रद्धा और शिव भक्ति के लिए उनका सम्मान किया।
दरअसल, रायपुर महादेव हाट छत्तीसगढ़ की पप्पी अदिति निषाद ने अपने माता-पिता के स्वास्थ्य ठीक होने की कामना की थी। उनके पापा-मम्मी असाध्य बीमारी से ग्रसित हैं। बिटिया प्रसिद्ध कथा वाचक प्रदीप मिश्रा की अनन्य भक्त है। माता-पिता के स्वास्थ्य में सुधार होने पर पप्पी ने रायपुर से सीहोर के कुबेरेश्वर धाम पैदल यात्रा की कामना की थी। माता-पिता के पैदल चलने में समर्थ नहीं होने पर संकल्प पूरा करने के लिए पप्पी निषाद अपनी चाची के साथ पैदल की रायपुर से कुबेरेश्वर धाम के लिए निकल पड़ी। 1100 किमी की लंबी दूरी में दोनों महिलाओं के सामने असहनीय गर्मी, घनघोर जंगल, नक्सलाइड एरिया भी आड़े नहीं आया। बाबा के भरोसे अपनी पदयात्रा पूरी करती रहीं।
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45 से 50 किमी की दूरी तय की एक दिन में पदयात्रा में
रायपुर की अदिति निषाद ने अपनी पदयात्रा करीब एक माह पहले शुरू की थी। इस दौरान प्रतिदिन 45 से 50 किमी की दूरी तय की। 1100 किमी की पैदल यात्रा का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में अदिति बता रही हैं कि वह बाबा की कृपा से पदयात्रा कर रहे हैं। वह दस लोग आने वाले थे, लेकिन बाबा जिसको बुलाते हैं, उन्हीं का जाना होता है। बाबा की कृपा से उन्हें तनिक भी अहसास नहीं हुआ और वह अपनी यात्रा पूरी करते रहे। रास्ते में अनेक भक्तों के मिलने पर उन्होंने भी उत्साह बढ़ाया।
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पंडित मिश्रा ने किया दोनों महिलाओं का सम्मान
कुबेरेश्वर धाम में इस समय ऑनलाइन शिव महापुराण कथा चल रही है। दोनों चाची-भतीजी ने 1100 किलोमीटर पैदल चलकर सीहोर के कुबेरेश्वर धाम तक की यात्रा पूरी की। इस दौरान दोनों चाची-भतीजी का पंडित प्रदीप मिश्रा ने ऑनलाइन कथा के दौरान उनकी अटूट श्रद्धा और शिव भक्ति के लिए उनका सम्मान किया। पंडित मिश्रा ने स्वयं व्यास पीठ से दोनों महिलाओं के साहस की प्रशंसा की। पंडित प्रदीप मिश्रा द्वारा सम्मान करने का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।