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Shahdol News: दुआ मांगने के लिए उठाए इमाम साहब ने हाथ, तभी थम गई सांसें, जनाजे में उमड़ा जन सैलाब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल Published by: शहडोल ब्यूरो Updated Wed, 05 Mar 2025 01:27 PM IST
मध्य प्रदेश के शहडोल जिले की नूरी मस्जिद में बुधवार सुबह एक भावुक कर देने वाली घटना घटी। फजर की नमाज पढ़ाने और दुआ कराने के कुछ ही मिनटों बाद मस्जिद के इमाम मौलाना गुलाम रब्बानी बरकाती का इंतकाल हो गया। अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद जब उन्हें अस्पताल ले जाया गया, तो चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
दुआ के दौरान हुई तबीयत खराब, अस्पताल में हुआ निधन
मस्जिद के सदर हाजी इकबाल अहमद के अनुसार, 50 वर्षीय इमाम मौलाना गुलाम रब्बानी बरकाती रोज की तरह फजर की नमाज अदा कराने के बाद दुआ करवा रहे थे। इसी दौरान उन्हें सांस लेने में तकलीफ हुई, मुंह से झाग निकला और वे वहीं गिर पड़े। नमाजियों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इमाम साहब के इंतकाल से माहौल गमगीन
इमाम साहब की अचानक हुई मौत से पूरे मोहल्ले में मातम छा गया। किसी को यकीन नहीं हो रहा था कि बिना किसी बीमारी के वे अचानक इस दुनिया से रुख़सत हो जाएंगे। रमजान के पवित्र महीने में उनके इंतकाल को अल्लाह की खास रहमत माना जा रहा है।
जनाज़े में उमड़ी भीड़, कब्रिस्तान में पैर रखने की जगह नहीं
रात में तरावीह की नमाज के बाद उनके जनाजे को ईदगाह कब्रिस्तान ले जाया गया। हजारों की संख्या में लोग इमाम साहब को अंतिम विदाई देने पहुंचे। कब्रिस्तान में इतनी भीड़ थी कि पैर रखने की भी जगह नहीं थी। ग़मगीन माहौल में नम आंखों से इमाम साहब को सुपुर्द-ए-ख़ाक किया गया।
मस्जिद में 15 साल से कर रहे थे इमामत
मस्जिद के सदर हाजी इकबाल अहमद ने बताया कि मौलाना गुलाम रब्बानी बरकाती पिछले 15 वर्षों से नूरी मस्जिद में इमामत कर रहे थे। वे बेहद नेकदिल, खुशमिजाज और मिलनसार इंसान थे। उनकी कमी हमेशा महसूस की जाएगी।
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