ओरछा में रामराजा सरकार के दर्शन और रात्रि विश्राम के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव निवाड़ी पहुंचे, जहां उन्होंने जिले को करोड़ों रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी। नवीन संयुक्त जिला कलेक्ट्रेट भवन और 100 बिस्तरीय जिला अस्पताल का लोकार्पण करने के साथ मुख्यमंत्री ने 44 विकास कार्यों का लोकार्पण और 15 नए कार्यों का भूमिपूजन किया। कार्यक्रम में दिव्यांगों को ट्राइसाइकिल और छात्राओं को साइकिल वितरित की गईं। कन्या पूजन और दीप प्रज्ज्वलन के साथ विकास कार्यों की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड की धरती ने हमेशा देश की आन-बान-शान के लिए संघर्ष किया है। उन्होंने बुंदेली पंक्तियों और वीरता का उल्लेख करते हुए कहा कि मुगलों से लेकर दिल्ली के सुल्तानों तक के सामने बुंदेलखंड ने सीना ठोंककर मुकाबला किया है। उन्होंने कहा कि निवाड़ी जिले के विकास को अब नई गति दी जाएगी और राजा राम के धाम ओरछा के आसपास विकास का नया अध्याय लिखा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने लगभग ₹2,563 करोड़ की लागत से बने संयुक्त जिला कार्यालय कलेक्ट्रेट भवन और लगभग ₹1,998 करोड़ की लागत वाले 100 बिस्तरीय जिला चिकित्सालय भवन का लोकार्पण किया। इसके अलावा विभिन्न सड़कों, भवनों, स्टॉप डैम, स्वास्थ्य सुविधाओं और पुलिस अधोसंरचना से जुड़े 44 विकास कार्यों का भी लोकार्पण हुआ। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सिमरा खास में सांदीपनि विद्यालय, निवाड़ी और पृथ्वीपुर में गीता भवन, जनौली-चंदावनी मार्ग पर पुल, निवाड़ी में नवीन बस स्टैंड और तरीचरकलां में गौशाला बनाने की घोषणा की।
निवाड़ी विधायक अनिल जैन ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए दिन को ऐतिहासिक बताया और जिले के विकास से जुड़ी कई मांगें रखीं। राज्यसभा सांसद महेश केवट ने केन-बेतवा लिंक परियोजना के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए ओरछा में पंचक्रोशी परिक्रमा मार्ग विकसित करने की मांग की। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना से निवाड़ी जिले के 158 गांवों को पानी मिलेगा। उन्होंने किसान, जवान, शिक्षा, स्वास्थ्य और पशुपालन को सरकार की प्राथमिकता बताया। मुख्यमंत्री का दौरा विकास, जनकल्याण और बुंदेलखंड की सांस्कृतिक विरासत के संगम का संदेश देकर समाप्त हुआ।