{"_id":"673c35b915bac58fc30de5ae","slug":"farmers-blocked-the-roads-for-fertilizer-tikamgarh-news-c-1-1-noi1349-2331519-2024-11-19","type":"video","status":"publish","title_hn":"Tikamgarh News: खाद को लेकर किसानों ने लगाया चक्काजाम, मौके पर पहुंचे एसडीएम ने की समझाइश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Tikamgarh News: खाद को लेकर किसानों ने लगाया चक्काजाम, मौके पर पहुंचे एसडीएम ने की समझाइश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टीकमगढ़ Published by: टीकमगढ़ ब्यूरो Updated Tue, 19 Nov 2024 12:40 PM IST
Link Copied
टीकमगढ़ शहर का गांधी चौराहा जिसे शहर का सबसे व व्यस्त चौराहा माना जाता है। मंगलवार की सुबह किसानों का धैर्य टूट गया और उन्होंने कांग्रेस नेता भगतराम यादव के नेतृत्व में चक्काजाम कर दिया। चक्काजाम लगते ही प्रशासन के हाथ पैर फूलने लगे, क्योंकि किसानों की समस्या पिछले 1 माह से लगातार जारी है। कभी वह पुलिस की लाठी खाते हैं तो कभी कई दिनों तक खाद के लिए लाइन में लगे रहते हैं, लेकिन जिला प्रशासन के कानों पर जू नहीं रेग रही है।
आखिरकार परेशान होकर के मंगलवार की सुबह किसानों ने टीकमगढ़ शहर के व्यस्ततम मिलकर अस्पताल चौराहे पर जाम लगा दिया। किसानों का आरोप है कि खाद न मिलने से उनकी बुवाई समय से नहीं हो रही है, जिसमें वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गई। सूचना मिलती ही कोतवाली पुलिस और इसके बाद टीकमगढ़ एसडीएम संजय दुबे मौके पर पहुंचे और उन्होंने किसानों से बातचीत की। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि 2 दिन बाद स्टॉक आ जाएगा। कांग्रेस नेता भगत राम यादव को भी उन्होंने दो दिन बाद खाद दिलाने का आश्वासन दिया इसके बाद धरना समाप्त हुआ।
टीकमगढ़ जिला कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष भगत राम यादव ने बताया कि डीएपी के लिए जिले भर के किसान परेशान हो रहे हैं। हर दिन सुबह से लेकर शाम तक वह कई घंटे लाइन में खड़े रहते हैं और शाम को खाली हाथ चले जाते हैं। उन्होंने कहा कि एसडीएम ने उन्हें 2 दिन के अंदर डीएपी उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है अगर दो दिन बाद डीएपी किसानों को नहीं मिलता है तो कांग्रेस की नेतृत्व में लंबा आंदोलन करेंगे।
एक माह से किसान हो रहे हैं परेशान अधिकारी मदमस्त
टीकमगढ़ जिले में खाद को लेकर पिछले 1 माह से किसान लगातार खाद के लिए चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें समय से खाद नहीं मिल रहा है, जिसके चलते उनकी बुवाई लेट हो रही है और किसान परेशान है। कभी किसानों के साथ पुलिस मारपीट कर देती है तो कभी किसान भूखे प्यासे लाइनों में लगे रहते हैं। प्रशासन द्वारा ना तो वहां पर पीने की पानी की व्यवस्था की गई है और ना ही किसानों के बैठने के लिए कोई छांव की व्यवस्था है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।