टीकमगढ़ जिले से लगे निवाड़ी जिले के ओरछा वन अभ्यारण क्षेत्र अंतर्गत सिंहपुरा के जंगलों में सागौन की अवैध कटाई और तस्करी का एक गंभीर मामला सामने आया है। रात के अंधेरे में सक्रिय तस्करों के खिलाफ वन विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक चार पहिया वाहन से भारी मात्रा में सागौन की लकड़ी जब्त की है।
खास बात यह रही कि जब्त की गई कार पर आगे की ओर आर्मी लिखा हुआ था, जिससे तस्कर खुद को पहचान से बचाने की कोशिश कर रहे थे।
जानकारी के अनुसार, ओरछा वन परिक्षेत्र के रेंजर आदित्य पुरोहित के नेतृत्व में वन विभाग की टीम नियमित रात्रि गश्त पर थी।
इसी दौरान सिंहपुरा के जंगल क्षेत्र में एक संदिग्ध हुंडई कार दिखाई दी। टीम ने जब वाहन को रोकने की कोशिश की तो उसमें सवार 4 से 5 लोग अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल में फरार हो गए। जांच में पाया गया कि वाहन में 11 नग से अधिक कीमती सागौन की लकड़ी भरी हुई थी, जिसे अवैध रूप से ले जाया जा रहा था। चौंकाने वाली बात यह भी सामने आई कि कार पर कोई नंबर प्लेट नहीं लगी थी, जिससे स्पष्ट है कि तस्करी पूरी योजना और साजिश के तहत की जा रही थी।
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वन विभाग की टीम ने मौके से वाहन और सागौन की लकड़ी को जब्त कर लिया है। जब्त सामग्री को वन विभाग परिसर में सुरक्षित रखवाया गया है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि यह मामला किसी संगठित लकड़ी तस्करी गिरोह से जुड़ा हो सकता है, जो लंबे समय से इस क्षेत्र में सक्रिय है।
इस संबंध में रेंजर आदित्य पुरोहित ने बताया कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
फरार आरोपियों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं और उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। वन विभाग ने संकेत दिए हैं कि इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में गश्त और निगरानी और अधिक सख्त की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।