छतरपुर जिले के खजुराहो में पीएम नरेंद्र मोदी की सभा में ग्रामीण लोगों को लेकर गई बस कार्यक्रम समापन के बाद लौटते समय फोर लाइन सड़क पर हादसे का शिकार हो गई। इसमें बस का क्लीनर गंभीर घायल हो गया। घायल के लिए एंबुलेंस को कॉल किया गया, पर 10-15 मिनट तक इंतजार के बाद भी जब नहीं आई और घायल का ज्यादा खून बह जाने से वह और भी गंभीर हो चला था। ऐसे में वक्त की नज़ाकत को देखते हुए आनन-फानन में बस को खाली कराया गया। उसमें बैठे लोगों को नीचे उतारा गया और बस में घायल को बस के फर्स/जमीन पर लिटाते हुए बस को इमरजेंसी एंबुलेंस बनाया और लगातार हॉर्न बजाते लाइट जलाते हुए तेज रफ्तार में जिला अस्पताल लेकर आए। ताकि समय रहते इलाज मिलने पर उसकी जान बच सके।
जानकारी के मुताबिक, खजुराहो में आज देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केन-बेतवा लिंक परियोजना (नदी जोड़ो अभियान) का भूमिपूजन करने आये थे और उनकी सभा थी। इसके लिए भीड़ जोड़ने के लिए सैकड़ों की संख्या में बसें लगाई गई थी और संभाग, जिला, विधानसभा, जनपद, पंचायत, ग्रामीण, स्तर पर लोगों की भीड़ लाने की जिम्मेदारी दी गई थी। इसी के चलते यह बस भोपाल से अधिग्रहण कर छतरपुर लाई गई और छतरपुर जिले के कुंवरपुरा पंचायत भेजी गई। जहां के ग्राम बांकपुर से 25 ग्रामीणों को लेकर सभा स्थल तक गई और मोदी की सभा खत्म होने के बाद जनता को बैठाकर वापस जा रही थी। इसी दौरान बस का क्लीनर गजेंद्र जो कि गेट पर खड़ा था, जो चलती बस से नीचे गिर गया और गंभीर घायल हो गया।
अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस को कॉल किया, पर वह नहीं आई और काफी (10 से 15 मिनट) इंतजार करने के बाद भी नहीं आई तो वक्त की नजाकत और घायल की हालत देखते हुए कुछ जागरूक लोगों ने बस की सवारियों को खाली कराया और खाली बस में घायल को लिटाया और इमरजेंसी एंबुलेंस बनाते हुए बस की लाइट परमानेंट जलाकर और लगातार हॉर्न बजाते हुए तेज रफ़्तार में जिला अस्पताल लेकर आए, ताकि घायल की जान बच जाए।
वहीं अब साथी और प्रत्यक्षदर्शी राम सिंह लोधी, बबलू सिंह, राकेश शर्मा (रोजगार सहायक, कुंवरपुरा पंचायत) योगेश अहिरवार (बस का ड्राइवर) इन सभी का आरोप है कि हमने एंबुलेंस को कॉल किया पर एंबुलेंस नहीं आई। 10 से 15 मिनट इंतज़ार किया, जब नहीं आई और घायल की हालात गंभीर होने लगी तो हमने बस की सवारियां खाली कर घायल को बस में लेकर जिला अस्पताल लाए। वहीं आरोप है कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की व्यवस्था में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही और चूक है कि पीएम के कार्यक्रम में गए व्यक्ति के घायल होने पर उसे एंबुलेंस नहीं मिली, जिससे इनकी व्यवस्था की पोल खुलती नजर आ रही है।