महाकुंभ की जमीन को अपने हिस्सा बताने वाले वक्फ बोर्ड के बयान ने एक नया विवाद शुरू कर दिया है, जिसे लेकर अब बाबा बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने अपना बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसे मूर्खतापूर्ण बयानों से उन्हें बचना चाहिए। वो पगलाए हुए हैं, ऐसे वक्फ बोर्ड को बंद करना चाहिए या फिर सनातन बोर्ड शुरू किया जाए।
दरअसल कटनी के बिरुहली में ब्रेन डिटॉक्स का एक समागम आयोजित किया गया है, जिसमें शामिल होने बाबा बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने महाकुंभ पर मीडिया चर्चा में बताया 12 वर्षों में आने वाले कुंभ को महाकुंभ कहते हैं। ये महाकुंभ 144 वषों बाद आया है, जो 21वीं सदी का अंतिम कुंभ है, जिसका सभी सनातनियों का पुण्य लाभ लेना चाहिए। यहां आएं, लेकिन चित्र खींचने नहीं चरित्र के लिए। रील के बनाने नहीं, बल्कि रियल को बनाने के लिए। क्योंकि यह महाकुंभ आस्था, भक्ति और यहां पहुंचने वाले हिंदू जिस दिन सनातन के लिए मोड जाएंगे, उसी दिन हिंदू राष्ट्र का निर्माण हो जाएगा।
इसी बीच वक्फ बोर्ड के बयान जिसमें वो महाकुंभ के जमीन के हिस्सों को वक्फ बोर्ड की बता रहे थे, उस पर धीरेंद्र शास्त्री ने बोले कि ऐसे मूर्खतापूर्ण बयानों से उन्हें बचना चाहिए। आदि अंततः कालों से प्रयागराज हिंदू सनातन की जमीन रही है। शंकराचार्य, पुराणों और सनातन पद्धति में इसका उल्लेख है तो ऐसे में इस तरह का बयान देने पागलपन है। इसका पागलपन दूर होना चाहिए और वक्फ बोर्ड को बंद करें या फिर सनातन बोर्ड की शुरुआत की जाए।