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Allegations of tear-gassing and lathi-charge against MGNREGA workers chanting 'Waheguru'; commotion outside Minister Sond's residence
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वाहेगुरु का जाप कर रहे मनरेगा कर्मचारियों पर आंसू गैस और लाठीचार्ज के आरोप, मंत्री सोंद के आवास के बाहर हंगामा
पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री तरनप्रीत सिंह सोंद के आवास के बाहर बुधवार को उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब अपनी लंबित मांगों को लेकर शांतिपूर्वक "सतनाम वाहेगुरु" का जाप कर रहे मनरेगा कर्मचारियों और विभिन्न भाईचारा संगठनों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हो गया।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि खन्ना पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए पहले लाठीचार्ज किया और फिर आंसू गैस के गोले छोड़े, जिससे कई लोग घायल हो गए। उनका दावा है कि फतेहगढ़ साहिब के एक मनरेगा कर्मचारी की टांग दो जगह से टूट गई और उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे पिछले आठ माह से वेतन न मिलने और पक्का रोजगार देने की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन उनकी आवाज सुनने के बजाय उन पर बल प्रयोग किया गया।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों का दर्द उस समय छलक पड़ा जब उन्होंने पुलिस से कहा, "हम पर आंसू गैस के गोले मत छोड़िए, अगर हमारी बात नहीं सुननी तो हमें सीधी गोली मार दीजिए। आपके पास नौकरी है, वेतन है, परिवार चलाने का सहारा है, लेकिन हमारे पास न रोजगार है, न कमाई। ऐसे जीवन से तो मौत बेहतर है।"
कर्मचारियों ने कहा कि सरकार यदि उनकी मांगें पूरी नहीं करती तो उनका आंदोलन और तेज किया जाएगा। उन्होंने पंजाब सरकार से आठ माह का बकाया वेतन तत्काल जारी करने, मनरेगा कर्मचारियों को स्थायी रोजगार देने तथा कथित पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने पंजाब की पंचायतों, सरपंचों, भाईचारा संगठनों और आम लोगों से भी आंदोलन के समर्थन की अपील करते हुए कहा कि यह लड़ाई केवल मनरेगा कर्मचारियों की नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास और रोजगार के अधिकार की लड़ाई है।
हालांकि, पुलिस और प्रशासन की ओर से इस मामले में आधिकारिक बयान सामने आना बाकी है।
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