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जीएसटी की मनमानी से स्क्रैप कारोबार पर संकट, मसला हल न हुआ तो सोमवार को हड़ताल पर जाएंगे लोहा कारोबारी
स्क्रैप ट्रेडर वेलफेयर एसोसिएशन मंडी गोबिंदगढ़ की हंगामा बैठक मोतिया खान इलाके में हुई जिसमें जीएसटी में आ रही परेशानियों और व्यापारियों के साथ कथित रूप से हो रही सख्ती के खिलाफ तीखी नाराजगी जताई गई। एसोसिएशन के चेयरमैन अमन शर्मा, प्रधान सतनाम सिंह चावला तथा उपप्रधान जसप्रीत सिंह नय्यर ने कहा कि जीएसटी लागू होने के समय व्यापारियों ने "वन नेशन, वन टैक्स" की नीति का खुले दिल से स्वागत किया था, लेकिन कुछ ही समय बाद इस व्यवस्था की अनेक खामियां सामने आने लगीं।
किंतु अब हालात यह है की चेकिंग के नाम पर जीएसटी विभाग रात को दो ढाई बजे उनकी फैक्ट्री में जाकर स्क्रैप से भारी गाड़ियों की चैकिंग करता है जबकि उनके पास पूरा टैक्स पे करने के बाद गाड़ियां फैक्ट्री के अंदर दाखिल की जाती हैं। विभाग का हमेशा ही यह आरोप रहता है कि जहां से गाड़ी खरीदी गई है वहां के व्यापारी ने सरकार को जीएसटी अदा नहीं किया जबकि हमारे गोविंदगढ़ के लोहा कारोबारी हर गाड़ी का टैक्स सरकार को देने के बाद ही गाड़ी ही खरीद करते हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले आठ वर्षों के दौरान केंद्र और राज्य सरकारों, जीएसटी परिषद तथा संबंधित विभागों को दर्जनों मांग पत्र भेजे गए, कई मंत्रियों और अधिकारियों से मुलाकातें भी की गईं, लेकिन व्यापारियों की जायज मांगों की ओर कोई ठोस ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि टैक्स जमा करने के बावजूद आज ईमानदार व्यापारियों को ही संदेह की नजर से देखा जा रहा है।
एसोसिएशन के उपाध्यक्ष जसप्रीत सिंह नयर ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में सरकार खरीदार को आपूर्तिकर्ता (सप्लायर) को जीएसटी का भुगतान करने के लिए कहती है, लेकिन यदि सप्लायर सरकार के पास टैक्स जमा नहीं कराता तो उसकी जिम्मेदारी भी खरीदार पर डाल दी जाती है। उन्होंने कहा कि जब व्यापारी बैंकिंग प्रणाली के माध्यम से बिल सहित टैक्स का भुगतान कर चुका है तो उसी टैक्स की दूसरी बार वसूली करना न्यायसंगत नहीं है।
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