अलवर पुलिस ने शहर में अपराध नियंत्रण को और प्रभावी बनाने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। पहली बार शहर में हॉर्स पेट्रोलिंग यूनिट को तैनात किया गया है। इसके तहत प्रशिक्षित पुलिस जवान घोड़ों पर सवार होकर संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में गश्त करेंगे।
एडिशनल एसपी ने खुद संभाला मोर्चा
नई व्यवस्था की शुरुआत के मौके पर एडिशनल एसपी शरण कांबले (आईपीएस) ने स्वयं घोड़े पर सवार होकर शहर के कई इलाकों में पेट्रोलिंग की। उन्होंने बताया कि यह पहल उन जगहों पर पुलिस की पहुंच बढ़ाएगी जहां संकरी गलियों या भीड़ के कारण वाहन से गश्त करना कठिन होता है।
दैनिक तीन घंटे गश्त, मुश्किल इलाकों पर रहेगा फोकस
पुलिस के अनुसार हॉर्स पेट्रोलिंग प्रतिदिन लगभग तीन घंटे सक्रिय रहेगी। इस दौरान पुलिसकर्मी बाजारों, गलियों, पार्कों, मैदानों और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों में निगरानी बढ़ाएंगे। घोड़े की तेज और सुगम मूवमेंट से उन इलाकों में भी प्रभावी गश्त संभव होगी, जहां अपराधी अक्सर बच निकलते हैं।
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अपराधियों में खौफ, जनता में भरोसा
एडिशनल एसपी ने कहा कि घोड़ों की मौजूदगी खुद में एक संदेश देती है कि पुलिस सदैव अलर्ट मोड में है। इससे अपराधियों में दबाव बनेगा और जनता में सुरक्षा का भरोसा बढ़ेगा। साथ ही, पेट्रोलिंग के दौरान पुलिस-जनता संवाद भी बेहतर होगा क्योंकि लोग आसानी से अपनी समस्याएं साझा कर सकेंगे।
पुलिस विभाग का मानना है कि यह पहल न केवल अपराध नियंत्रण में मददगार होगी, बल्कि अलवर की पारंपरिक और आधुनिक पुलिसिंग का अनोखा संगम भी साबित होगी। नई व्यवस्था से शहर में सुरक्षा व्यवस्था को एक नए स्तर पर ले जाने की उम्मीद की जा रही है।