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In Sirsa, farmers questioned agricultural officials during a natural farming event, who left the stage.
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सिरसा में प्राकृतिक खेती में किसानों ने कृषि अधिकारियों से पूछे सवाल, कृषि अधिकारी मंच छोड़कर चले गए
कृषि विभाग की ओर से कृषि उप निदेशक कार्यालय में प्राकृतिक खेती पर एक दिवसीय कार्याशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में अधिकारियों ने किसानों को फसलों के संबंध में प्राकृतिक खेती और मौजूदा समस्याओं के बारे में अवगत करवाया। इसी कड़ी में जब चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डा. देवेंद्र जाखड़ ने जब मंच से किसानों को समस्या पर भाषण दे रहे थें।
तब एक युवा किसान ने बाजरे में होने वाली बीमारी अधीरा की समस्या को लेकर सवाल करते हुए कहा कि आज तक वैज्ञानिक इस बीमारी का इलाज नहीं कर पाए। यह बीमारी बढ़ती जा रही है। डा जाखड़ ने कहा कि बीमारी को लेकर काम हो रहा हैं, उन्हें इसी जानकारी है। इस पर युवा किसान ने कहा कि आप लोग कार्यालय से बाहर निकलकर खेतों की मेढ़ो पर धक्के खाईये। तब आपको सच्चाई का पता चलेगा। पूरे पैतालिसा एरिया में यह हालात है।
हैरानी की बात हुई जब कृषि विज्ञान केंद्र के अधिकारी डॉ. देवेंद्र जाखड़ ने कहा कि उन्हें अधीरा बीमारी की जानकारी है। यह बीमार चार साल पहले रामपुरा बगड़ी में आई थी और अब साहुवाला द्वितीय तक पहुंच गई है। किसान की इस बात को कृषि विश्वविद्यालय तक पहुंचा देंगे। कहेंगे तो वे कैंप लगा देंगे और टीम की विजिट करवा देंगे। वहीं, किसान ने कहा कि उनसे कुछ गलती हुई तो माफी चाहते हैं। लेकिन सच्चाई जो बताई है, वहीं है।
रानियां के नाथौर गांव किसान ने कहा कि डा साहब आप हम लोगों से मजाक करना छोडिये। आज से दस दिन पहले सरसों का बीज लेकर गांव में गए और बोले कि यह अच्छा बीज है। क्या अब ये लोग बताएंगे कि बीज कौन सा अच्छा है। डा जाखड़ ने कहा कि वह बीज नहीं लेकर गए। इस पर किसान ने कहा कि आप नहीं तो आपका विभाग लेकर गया होगा। आप हमें बता रहे हैं, जब बिजाई का सीजन पूरा हो गया है। डॉ. जाखड ने कहा कि बीज के बारे में कृषि उप निदेशक बता देंगे। मेरा वक्त पूरा हुआ।
प्रदर्शनी में पहुंचे एडीसी
वहीं, प्राकृतिक खेती को लेकर लगाई गई प्रदर्शनी में रानियां के प्रोग्रेसिव किसानों ने भाग लिया । 10 से ज्यादा स्टॉल कार्यक्रम में लगाई गई। एडीसी विरेंद्र सहरावत ने प्रदर्शनी को निरीक्षण किया और किसानों की बात सुनी।
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