अलवर में सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता कृष्ण कुमार गुप्ता को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उन्होंने पेट्रोल पंप की एनओसी जारी करने के बदले रिश्वत की मांग की थी। एसीबी ने उन्हें 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा।
परिवादी की शिकायत से शुरू हुई कार्रवाई
एएसपी शब्बीर खान ने बताया कि रूपबास निवासी परिवादी शिवचरन पुत्र प्यारेलाल यादव ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उनके भतीजे गोपेश पुत्र श्रीराम को स्टेट हाईवे 44 पर गांव बरखेड़ा में एचपीसीएल कम्पनी द्वारा पेट्रोल पंप आवंटित किया गया है। इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया के तहत फाइल वर्ष 2024 में पीडब्ल्यूडी विभाग में जमा कराई गई थी।
एक लाख से शुरू हुई मांग, 35 हजार पर बनी बात
शिकायत के अनुसार, फाइल को पास करने के लिए कृष्ण कुमार गुप्ता ने एक लाख रुपये की मांग की थी। बाद में बातचीत के दौरान यह रकम 35 हजार रुपये पर तय हुई। आरोप है कि एक्सईएन ने पहले ही 10 हजार रुपये एडवांस के रूप में ले लिए थे और शेष राशि के लिए 4 मई को बुलाया था।
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ट्रैप बिछाकर एसीबी ने किया गिरफ्तार
शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी ने ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई। परिवादी को 25 हजार रुपये केमिकल लगाकर दिए गए और आरोपी के पास भेजा गया। परिवादी जब स्कीम 8 स्थित मकान नंबर 133 पहुंचा, तो एसीबी टीम ने मौके पर पहुंचकर कृष्ण कुमार गुप्ता को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। उनके पास से केमिकल लगे नोट भी बरामद किए गए।
प्रमोशन के बाद मिली थी नई पोस्टिंग
जानकारी के अनुसार, कृष्ण कुमार गुप्ता का हाल ही में प्रमोशन हुआ था और उन्हें तकनीकी सलाहकार के पद पर पोस्टिंग मिली थी। बताया जा रहा है कि उनकी सेवानिवृत्ति में लगभग पांच महीने का समय शेष था। एसीबी की यह कार्रवाई देर रात तक चली।
एसीबी ने आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की जांच शुरू कर दी है। मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है, ताकि पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके।