अलवर की पॉक्सो कोर्ट संख्या-2 ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आरोपी को 20 साल की कठोर कैद और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने मामले में पेश किए गए 17 दस्तावेज और 13 गवाहों के बयान के आधार पर आरोपी को दोषी माना। फैसले के बाद पीड़िता के परिजनों ने राहत की सांस ली।
रात में बाथरूम जाने निकली थी पीड़िता
सरकारी वकील के अनुसार घटना 4 फरवरी 2025 की रात की है। नाबालिग पीड़िता घर से बाहर बाथरूम जाने के लिए निकली थी। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाला आरोपी उसे जबरन उठाकर खेत में ले गया। वहां आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया और मौके से फरार हो गया। घटना के बाद डरी-सहमी पीड़िता खेत में छिपी मिली, जिसे परिजन घर लेकर आए। सदमे में होने के कारण वह कई दिनों तक किसी को कुछ नहीं बता सकी।
परिवार को बताई आपबीती, फिर दर्ज हुआ मामला
कुछ दिन बाद पीड़िता ने परिवार को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद 11 फरवरी 2025 को परिजनों ने थाने में मामला दर्ज कराया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में चालान पेश किया।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत में लगातार सुनवाई की गई। अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष दस्तावेजी साक्ष्य और गवाहों के बयान पेश किए, जिनके आधार पर आरोपी के खिलाफ आरोप साबित हुए।
अदालत ने कहा, ऐसे मामलों में कड़ी सजा जरूरी
अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयान सुनने के बाद आरोपी को दोषी करार देते हुए सख्त सजा सुनाई। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि ऐसे मामलों में नरमी दिखाना भी अपने आप में अपराध माना जाएगा। अदालत ने कहा कि इस तरह के प्रकरणों में कड़ी सजा जरूरी है ताकि कोई भी ऐसा अपराध करने से पहले गंभीरता से सोचे। कोर्ट के इस फैसले को महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है।