अलवर को स्वच्छता के मामले में देशभर में नंबर-1 बनाने के उद्देश्य से नगर निगम ने एक बड़ी पहल शुरू की है। इसके तहत आईईसी (IEC) टीमें शहर के करीब 65 वार्डों में जाकर आमजन से फीडबैक जुटा रही हैं। सर्वे के दौरान लोगों से 11 सवालों वाला फॉर्म भरवाया जा रहा है, जिसमें सड़क, नालियों, सार्वजनिक शौचालय और सफाई व्यवस्था से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। फीडबैक की प्रामाणिकता सुनिश्चित करने के लिए मोबाइल नंबर लेकर ओटीपी के जरिए सत्यापन भी किया जा रहा है।
सोमवार को टीम ने जिला अस्पताल में कैंप लगाकर लोगों से बातचीत की। इस दौरान कई लोगों ने खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की। एक व्यक्ति ने टीम को खरी-खोटी सुनाते हुए कहा कि इलाके में नालियां जाम हैं और सार्वजनिक शौचालयों की हालत खराब है, ऐसे में स्वच्छता के दावे जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाते। वहीं कुछ लोगों ने सर्वे में खास रुचि नहीं दिखाई और केवल मोबाइल नंबर देकर टीम से फॉर्म भरने को कहा, जबकि कुछ लोग सर्वे से बचते नजर आए।
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सर्वे में शामिल टीम सदस्य अनिमा प्रसाद और आसिफ अब्बासी ने बताया कि इस प्रक्रिया के जरिए लोग अपनी वास्तविक राय रख सकते हैं। उनका कहना है कि अलग-अलग वार्डों में टीमें लगातार काम कर रही हैं और प्राप्त फीडबैक के आधार पर निगम अधिकारी आवश्यक कार्रवाई करेंगे। जहां भी कमियां सामने आएंगी, उन्हें सुधारने के प्रयास किए जाएंगे।
नगर निगम की यह पहल अलवर की स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने और राष्ट्रीय स्तर पर शहर की रैंकिंग सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, लोगों की प्रतिक्रियाएं इस अभियान की जमीनी सच्चाई भी उजागर कर रही हैं।