बाड़मेर में बुधवार शाम को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने आपातकाल के 50 वर्ष पूरे होने पर एक मशाल जुलूस निकाला। यह मसाल जुलूस एबीवीपी जिला संयोजक दीपु चौहान के नेतृत्व में गांधी चौक से शुरू हुआ और कोतवाली, नेशनल हैंडलूम होते हुए अहिंसा सर्किल पर समाप्त हुआ। जुलूस में शामिल एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने आपातकाल के दौरान हुई त्रासदी को याद किया और तत्कालीन कांग्रेस सरकार की नीतियों का विरोध किया। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए लोकतंत्र की रक्षा का संदेश दिया। इस जुलूस ने शहर के विभिन्न हिस्सों में लोगों का ध्यान आकर्षित किया और आपातकाल के काले दिनों की याद दिलाई।
जिला संयोजक दीपु चौहान ने कहा कि आज ही के दिन 1975 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा आपातकाल लागू किया गया था जो कि देश के लिए एक काला अध्याय की तरह है। इसी को लेकर आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से बाड़मेर शहर में मसाल जुलूस का आयोजन कर उस दिन को याद किया गया है। उन्होंने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल में आपातकाल देश पर थोपा गया। आम आदमी के अधिकारों और लोकतंत्र का हनन हुआ। इस दौरान जबरदस्ती नसबंदी कराई गई। इतना ही नहीं प्रेस पर भी पाबंदी लगाई गई। लोगों की आवाज को दबाया गया। उन्होंने कहा कि आपातकाल एक काला अध्याय है जो देश ना भुला है और ना कभी भूलेगा। जिला संयोजक दीपू चौहान ने कहा कि यह जुलूस एक प्रतिज्ञा है। उन्होंने कहा कि एबीवीपी लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करती रहेगी।
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इस दौरान कानून व्यवस्थाओं के मद्देनजर कोतवाली थानाधिकारी बलभद्र सिंह समेत पुलिस के अधिकारी और जवान मौजूद रहे। इस दौरान प्रांत सह मंत्री विजयशर्मा, विभाग संयोजक कर्णपाल सिंह कोटड़ा, राणसिंह,मदन सिंह, कैलाश सिंह, मोहित सारस्वत, केशर चावड़ा, जयश्री, गायत्री, शारदा, सुनीता जांगिड़, भारती शर्मा, अनिल कुमार, पारस सिंह, अजयपाल सिंह, महिपाल सिंह, दिलीप सिंह, करणसिंह, चैन सिंह, हरीश चौधरी, जसवंत सिंह, देवी लाल, संजय सोलंकी, कपील, रावल, कानसिंह, महेंद्र, कुलदीप, निंबाराम, डालाराम, विक्रम गढ़वीर, हीर गिरी, अंकित सिंह, ओम प्रकाश आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।