सीमावर्ती बाड़मेर में पर्यावरण प्रेमियों ने खेजड़ी बचाओ आंदोलन का समर्थन करते हुए बुधवार को कलेक्टर कार्यालय के सामने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। अंधाधुंध खेजड़ी की कटाई से नाराज पर्यावरण प्रेमियों ने मुख्य द्वार पर चढ़कर नारेबाजी की। स्थानीय पुलिस अधिकारी और जवानों ने प्रदर्शन के दौरान मौके पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी। प्रदर्शन के बाद पर्यावरण प्रेमियों ने अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजेंद्र सिंह चांदावत को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम ज्ञापन सौंपा।
'प्रदर्शनकारियों की बिगड़ रही तबीयत'
ज्ञापन देने आए पर्यावरण प्रेमियों ने बताया कि बीकानेर में भी खेजड़ी बचाओ आंदोलन के तहत धरना प्रदर्शन चल रहा है। इस आंदोलन में साधु-संत सहित कई लोग अनशन पर हैं और उनकी तबीयत बिगड़ती जा रही है, बावजूद इसके सरकार की ओर से उनसे अब तक कोई वार्ता नहीं की गई।
ये भी पढ़ें:
अजमेर की रनर सूफिया सूफी ने रचा इतिहास, मनाली से लेह तक 430 किमी दौड़कर बनाया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड
ट्री प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग
विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा, 'आज हमारा सब्र का बांध टूट गया है। इसी कारण हमने उपखंड मुख्यालय और जिला मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। हमारी मांग है कि ट्री प्रोटेक्शन एक्ट लागू किया जाए। एक पौधे को बड़ा होने में कई वर्ष लग जाते हैं, लेकिन चंद पैसों के लिए सरकार सोलर कंपनियों को अंधाधुंध कटाई की अनुमति दे देती है। अगर आज युवा इस तरह आक्रोशित हैं, तो अगर पूरे प्रदेश से जयपुर तक यही युवा पहुंच गए, तो स्थिति कैसी होगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।'