भीलवाड़ा जिले के आसींद क्षेत्र में स्थित मालासेरी डूंगरी की पवित्र पहाड़ियों में रविवार को केवल मंत्रोच्चार ही नहीं गूंजा, बल्कि भारतीय संस्कृति के पुनर्जागरण का शंखनाद भी हुआ। भगवान विष्णु के अवतार श्री देवनारायण जी के 1114वें अवतरण दिवस पर आयोजित भव्य समारोह में केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने संबोधन किया। यह मंच आस्था और राजनीति के संगम का सजीव प्रतीक बनकर उभरा।
केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि मालासेरी डूंगरी और सवाई भोज की भूमि केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि राजस्थान की आत्मा है। यह वही धरती है, जहां धर्म ने राजनीति को दिशा दी और संस्कृति ने सत्ता को मर्यादा सिखाई। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय देश में सांस्कृतिक पुनर्जागरण का कालखंड है। पूर्व में भारतीय संस्कृति को समाप्त करने के अनेक प्रयास किए गए, लेकिन हर युग में देवपुरुषों ने अवतार लेकर संस्कृति की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व अर्पित किया।
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मंदिरों को केवल पूजा स्थल नहीं, बल्कि सांस्कृतिक चेतना के केंद्र के रूप में विकसित कर रही हैं। इसी दृष्टिकोण से मालासेरी डूंगरी के विकास के लिए 48.74 करोड़ रुपये की योजना स्वीकृत की गई है। इस योजना के तहत भव्य प्रवेश द्वार, ओपन थिएटर, भोजनशाला और तीर्थयात्रियों की सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और शीघ्र ही निर्माण कार्य प्रारंभ होगा।
कार्यक्रम से पूर्व केंद्रीय मंत्री ने प्रस्तावित विकास कॉरिडोर का निरीक्षण किया और मालासेरी डूंगरी एवं सवाई भोज मंदिर में पूजा-अर्चना कर राष्ट्र, प्रदेश और समाज की समृद्धि के लिए यज्ञ में पूर्णाहुति दी। मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने कहा कि संस्कृति केवल ग्रंथों में नहीं, बल्कि धरातल पर भी दिखाई देनी चाहिए।
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राजस्थान धरोहर विकास प्राधिकरण बोर्ड के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत ने बताया कि इस परियोजना के लिए जिला प्रशासन द्वारा भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल विकास कार्य नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक संकल्प है, जो आने वाले समय में मालासेरी डूंगरी को राष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करेगी।
मालासेरी डूंगरी मंदिर के मुख्य पुजारी हेमराज पोसवाल ने सरकार के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि जिस प्रकार भगवान देवनारायण जी ने समाज को एक सूत्र में बांधा, उसी प्रकार यह विकास कार्य भी समाज को संगठित करेगा।