हाल ही में दौसा नगर परिषद की सभापति ममता चौधरी को डीएलबी ने भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की शिकायत के चलते निलंबित किया था, इसके बावजूद नगर परिषद भ्रष्टाचार के आरोपों का सिलसिला जारी है।
दौसा नगर परिषद वार्ड नंबर 15 के पार्षद शाहनवाज मोहम्मद ने आरोप लगाया है कि नगर परिषद ने अब कचरे में भ्रष्टाचार शुरू कर दिया है, जिसके चलते संस्कृत कॉलेज के पीछे स्थित रावण के टीले पर शहर के कचरे को लाकर डाल जा रहा है जबकि नगर परिषद का खुद का 40 बीघा भूमि में डंपिंग यार्ड बनाया हुआ है। उसके बावजूद कचरे को शहर में लाकर डाला जा रहा है।
वार्ड नंबर के 15 के पार्षद शाहनवाज मोहम्मद ने नगर परिषद पर आरोप लगाते हुए कहा कि जिस ठेकेदार के जिम्मे शहर की कचरा व्यवस्था का ठेका है इस कचरे को शहर के बाहर बने डंपिंग यार्ड में न डालकर नगर परिषद की मिलीभगत के चलते रावण के टीले पर डाल रहा है, जिससे ठेकेदार को वहां तक आने-जाने का खर्चा कम पड़ रहा है।
पार्षद ने बताया कि रावण के टीले पर दशहरे के दिन रावण दहन होना है, जहां हजारों की संख्या में आमजन मौजूद रहेंगे ऐसे में इस टीले पर कचरे का जमावड़ा जमा कर उसके ऊपर मिट्टी की लेयर बनाई जा रही है, जिससे कचरा ढंक जाए और नगर परिषद की पोल भी ना खुले। पार्षद ने कहा है कि यदि नगर परिषद में इसी तरह भ्रष्टाचार होता रहा तो उन्हें मजबूरन नगर परिषद के बाहर हड़ताल पर बैठना होगा।
गौरतलब है कि पार्षद शाहनवाज मोहम्मद जिस जगह पर कचरे के निस्तारण का आरोप लगा रहे हैं, इस परिधि से बिल्कुल नजदीक संस्कृत कॉलेज, कृषि विभाग का कार्यालय, जिला चिकित्सालय और डॉक्टर आवास के साथ ही कई लोगों के मकान भी बने हुए हैं। इन सबके बीच में शहर की इस गंदगी को भरना निश्चित रूप से नगर परिषद की लापरवाही कही जा सकती है। क्योंकि यदि ठेकेदार इस कचरे को डंपिंग यार्ड पर ले जाएगा तो निश्चित रूप से उसको वहां तक आने-जाने में खर्चा ज्यादा करना पड़ेगा और यदि नगर परिषद ने ऐसे आदेश दिए हैं तो निश्चित तौर पर कहीं न कहीं कोई गोलमाल किया जा रहा है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
उधर नगर परिषद के एसआई रामप्रकाश का कहना है कि पिछले दोनों बारिश होने के चलते घर-घर से कचरा लाने वाले वहां 40 बीघा में बने यार्ड तक नहीं पहुंच पाए थे, जिसके चलते इस कचरे को यहां डलवा दिया गया है और कुछ दिनों में यहां से हटा दिया जाएगा। इसके बाद अब बड़ा सवाल यह भी है कि इस कचरे से यदि कोई बीमारी फैलती है तो क्या नगर परिषद उसकी जिम्मेदारी लेगी?