कथावाचक अभयदास महाराज से जुड़े विवादित कथा प्रकरण को लेकर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के निर्देश पर गठित संतों की विशेष जांच कमेटी मंगलवार को जालौर पहुंची। तीन सदस्यीय इस कमेटी में पूर्व सांसद सुमेधानंद, तिजारा विधायक बाबा बालकनाथ और पोकरण विधायक प्रताप पुरी महाराज शामिल हैं। कमेटी ने सर्किट हाउस में जालौर विधायक जोगेश्वर गर्ग, आयोजन समिति से जुड़े कानाराम, पुलिस प्रशासन और आमजन से संवाद कर पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी जुटाई। इसके साथ ही कमेटी ने कथावाचक अभयदास महाराज से भी अलग से मुलाकात कर उनसे सीधे बातचीत की।
बैठक के बाद संत सुमेधानंद ने बताया कि यह पूरा विवाद संवाद की कमी के कारण उत्पन्न हुआ। उन्होंने कहा कि सभी पक्ष एक ही परिवार के हैं, संवाद शुरू होते ही समस्याएं स्वतः समाप्त हो जाएंगी। रिपोर्ट तैयार कर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष को सौंपी जाएगी, जो इसे मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगे।
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संत सुमेधानंद ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य किसी भी धार्मिक आयोजन को रोकना नहीं है, बल्कि कानून व्यवस्था बनाए रखना ही मुख्य उद्देश्य था। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा सरकार में कथा नहीं होगी तो फिर कब होगी। कथा के दोबारा आयोजन को लेकर उन्होंने कहा कि इस विषय पर प्रदेशाध्यक्ष से बैठक कर निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि कथा के भविष्य को लेकर अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व और मुख्यमंत्री से संवाद के बाद ही सामने आएगा। कमेटी ने जिले में सभी संबंधित पक्षों से जानकारी लेकर तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार की है, जिसे शीघ्र ही प्रदेश नेतृत्व को सौंपा जाएगा।