जालौर जिला मुख्यालय पर राजस्थान विधानसभा में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर की गई कथित अमर्यादित टिप्पणी और विरोध करने पर छह कांग्रेस विधायकों के निलंबन के खिलाफ शनिवार को कांग्रेस कमेटी की ओर से विरोध प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हरिदेव जोशी सर्किल पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री का पुतला जलाकर विरोध प्रदर्शन किया।
जिला कांग्रेस प्रवक्ता योगेंद्र सिंह कुम्पावत ने बताया कि राजस्थान विधानसभा में भारत रत्न इंदिरा गांधी को लेकर असंसदीय टिप्पणी की गई, जिसका विपक्ष के नेता टीकाराम जूली और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने विरोध किया। इसके बाद गोविंद सिंह डोटासरा सहित छह कांग्रेस विधायकों को अलोकतांत्रिक तरीके से सदन से निलंबित कर दिया गया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सरकार का यह कदम लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
विधानसभा में हुई इस कार्रवाई से आक्रोशित कांग्रेस कार्यकर्ता हरिदेव जोशी सर्किल पर एकत्रित हुए और भाजपा सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतंत्र विरोधी बताया। इस दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और मुख्यमंत्री का पुतला फूंका गया।
विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष भवरलाल मेघवाल ने किया। कार्यक्रम में प्रदेश महासचिव नैन सिंह राजपुरोहित, उम सिंह राठौड़, जिला प्रवक्ता योगेंद्र सिंह कुम्पावत, संगठन महासचिव वीरेंद्र जोशी, जिला उपाध्यक्ष जुल्फिकार अली, ब्लॉक अध्यक्ष भोमाराम मेघवाल, नगराध्यक्ष मुमताज अली, मंडल अध्यक्ष पीर सिंह मालपुरा, रमेश सोलंकी, मदनलाल दहिया, चतराराम सुथार, सेवादल जिलाध्यक्ष भेरूपाल सिंह दासपा, आम सिंह परिहार, खसराम मेघवाल, हस्तीमल सुथार, सोनाराम मेघवाल, युवा नेता सुरेश मेघवाल, गीता श्री, अमीन मोयला, सुरेश थांवला, किशनाराम चौधरी, श्रवण ढाका, कृष्ण कुमार वनिका, ओमप्रकाश चौधरी, इकबाल खान, फकरुद्दीन मेहर, इरफान खान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर सरकार लोकतांत्रिक प्रक्रिया को दबाने का प्रयास करेगी तो पूरे प्रदेश में इसके खिलाफ उग्र आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने विधानसभा में कांग्रेस विधायकों के निलंबन को वापस लेने और पूर्व प्रधानमंत्री पर की गई टिप्पणी के लिए माफी मांगने की मांग की।