जालौर में ट्रॉमा सेंटर अस्पताल में इलाज के दौरान एक महिला की संदिग्ध मौत को लेकर सरगरा समाज में भारी आक्रोश देखने को मिला। समाजजनों ने सोमवार को जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन और धरना दिया। इस दौरान अस्पताल प्रशासन और जिम्मेदार डॉक्टर के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सड़क जाम कर दी गई। विरोध कर रहे लोगों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए दोषी डॉक्टर पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
लेबरपेन में अस्पताल लाई गई थी महिला, इंजेक्शन के बाद मौत
जानकारी के अनुसार, चांदना निवासी खुश्बू पत्नी जितेंद्र कुमार सरगरा को 17 मई को लेबरपेन की शिकायत पर जालौर ट्रॉमा सेंटर लाया गया था। यहां पर डॉ. कमला भारती ने उनका इलाज शुरू किया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने ऑपरेशन से पहले एक इंजेक्शन दिया, जिसके तुरंत बाद खुश्बू की मौत हो गई। इसके बावजूद परिजनों को यह बताया गया कि महिला बेहोश है और उसे पाली रेफर किया जा रहा है।
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पाली पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी मौत, नहीं हुई FIR
परिजनों ने बताया कि जब वे पाली ले जा रहे थे, तभी आहोर में महिला की जांच करवाई गई, जिसमें उसकी पहले ही मौत हो चुकी थी। इसके बाद शव को वापस जालोर लाकर अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया और पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस को रिपोर्ट भी सौंपी गई, लेकिन अब तक इस मामले में न तो एफआईआर दर्ज हुई है और न ही डॉक्टर पर कोई कार्रवाई हुई है।
‘कार्रवाई नहीं हुई तो होगा बड़ा आंदोलन’
सोमवार को जिला कलेक्टर डॉ. प्रदीप के. गावंडे को सौंपे गए ज्ञापन में समाज के लोगों ने मांग की कि डॉ. कमला भारती के खिलाफ तुरंत मामला दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में सरगरा समाज के लोग शामिल हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन डॉक्टर को बचाने की कोशिश कर रहा है, जिससे समाज में रोष व्याप्त है। धरने में शामिल लोगों ने कहा कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं होती है, तो आंदोलन और भी उग्र किया जाएगा।
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