शहर में आरके इंडस्ट्रीज बनाम रीको के बीच न्यायालय में लंबित विवाद में पक्ष में फैसला करवाने का झांसा देकर दो लोगों ने एक व्यवसायी से 65 लाख रुपये की ठगी कर ली। आरोपियों ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीशों से अपनी कथित पहचान का हवाला देकर उसे विश्वास में लिया और रकम ऐंठ ली।
सरदारपुरा थाना पुलिस के अनुसार कमला नेहरू नगर निवासी गौतम चंद गुलेच्छा ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है, जिसमें सुंदरलाल मालू और गोरधन सिंह भाटी पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है। परिवादी ने बताया कि आरके इंडस्ट्रीज बनाम रीको केस में फैसला अपने पक्ष में करवाने के लिए आरोपियों ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के जजों से संपर्क होने का दावा किया था।
आरोपियों ने 22 सितंबर 2021 को जलजोग चौराहा स्थित एक होटल में गौतम गुलेच्छा की मुलाकात सुंदरलाल मालू, गोरधन सिंह भाटी और आदित्य कुमार से करवाई गई। वहां आरोपियों ने कहा कि वे चुटकियों में काम करवा सकते हैं और पहले भी कई बड़े फैसले प्रभावित कर चुके हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के जजों के साथ अपने फोटो और संबंधों का हवाला भी दिया।
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आरोपियों के झांसे में आकर परिवादी ने 22 अगस्त 2021 को सुंदरलाल मालू के खाते में RTGS के माध्यम से 11 लाख रुपये ट्रांसफर किए। अगले ही दिन 23 अगस्त को और 5 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए। इसके बाद 4 अक्टूबर 2021 को 10 लाख रुपये नकद जयपुर भेजे गए, जो सुंदरलाल मालू और गोरधन सिंह भाटी को दिए गए। इस तरह टुकड़ों-टुकड़ों में कुल 65 लाख रुपये की राशि दी गई।
23 अगस्त 2024 को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में दायर स्पेशल लीव टू अपील (C) नंबर 2596/2022 को खारिज कर दिया गया। इसके बाद जब परिवादी ने अपनी रकम वापस मांगी, तो आरोपी टालमटोल करने लगे और रुपये लौटाने से इंकार कर दिया। अब पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।