जोधपुर जिले में जोजरी नदी को प्रदूषित करने वाली अवैध औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। जोधपुर–बाड़मेर हाईवे के पास भांडू कला क्षेत्र में करीब 35 बीघा भूमि पर अवैध रूप से संचालित रंगाई, धुलाई और छपाई की फैक्ट्रियों पर शुक्रवार सुबह से व्यापक अभियान चलाया गया।
इस संयुक्त कार्रवाई में 15 जेसीबी मशीनें, 125 से अधिक पुलिसकर्मी, जोधपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए), राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जिला प्रशासन के वरिष्ठ
अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। भारी पुलिस जाब्ते की मौजूदगी में फैक्ट्रियों के अवैध निर्माण और पक्के स्ट्रक्चर को जेसीबी की मदद से ध्वस्त किया गया।
प्रशासन के अनुसार यह कार्रवाई नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के निर्देशों और सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणियों के बाद गठित जिला स्तरीय एनफोर्समेंट कमेटी के आदेशों की पालना में की गई। जांच में सामने आया कि ये इकाइयां बिना किसी सक्षम स्वीकृति के कृषि भूमि पर अवैध रूप से संचालित की जा रही थीं और लंबे समय से जोजरी नदी को प्रदूषित कर रही थीं।
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अधिकारियों ने बताया कि इन फैक्ट्रियों से निकलने वाले रसायनिक अपशिष्ट के कारण पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच रहा था, वहीं आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर भी खतरा बना हुआ था। कार्रवाई के दौरान करोड़ों रुपये की मशीनरी जब्त की गई है, जिसे एक-दो दिन में मौके से हटाया जाएगा। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, जोधपुर में यह पहली बार है जब एक साथ इतने बड़े पैमाने पर अवैध औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ कठोर कदम उठाए गए हैं।
प्रशासन ने साफ किया है कि जोजरी नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए आगे भी ऐसी कार्रवाइयां लगातार जारी रहेंगी। इस कार्रवाई के बाद इलाके में चल रही अवैध फैक्ट्रियों के संचालकों में हर काम समझ गया है वहीं स्थानीय लोग इस कार्रवाई का स्वागत भी कर रहे हैं