राजस्थान के कोटा में जवाहर नगर थाना इलाके में बना एक रेस्टोरेंट शनिवार को अचानक से गिर गया। यह रेस्टोरेंट तीन मंजिला बना हुआ था। हादसे के वक्त रेस्टोरेंट के कर्मचारियों के अलावा कुछ लोग खाना खाने के लिए भी आए हुए थे। वहीं अब हादसे की जांच शुरू हो चुकी है, जिसमें कई तथ्य सामने आने लगे हैं।
दुकान के लिए अलॉट हुआ था जमीन
स्थानीय पार्षद योगेश अहलूवालिया ने बताया कि जो बिल्डिंग गिरी है वहां पर 200 वर्ग फीट का प्लॉट है। जो की दुकान के लिए अलॉट हुआ था। लेकिन यहां पर बिना परमिशन के ही तीन मंजिला बिल्डिंग बना ली। बिल्डिंग के निर्माण के दौरान प्रशासन से किसी भी तरह की कोई स्वीकृति नहीं ली गई। इस बिल्डिंग को देखकर ही पास की दुकान संचालकों ने भी तीन-तीन मंजिला बिल्डिंग बना दी। यहां से कई बार पहले अतिक्रमण भी हटाए गए हैं। लेकिन बार-बार अतिक्रमण होने से रास्ता भी सकरा हो गया। कई बार यहां पर झगड़े की भी स्थिति बन चुकी है।
पूरी तरह से अवैध बनी हुई थी बिल्डिंग
बिल्डिंग निर्माण के दौरान हो रहे अतिक्रमण के बाद इस रेस्टोरेंट को बंद भी करवाया गया था। लेकिन कुछ समय बाद यह रेस्टोरेंट फिर से शुरू हो गया। वहीं रेस्टोरेंट के पास में मुरादाबादी रेस्टोरेंट चलता है। जिसका कोई भी फूड लाइसेंस नहीं है। हादसे के समय मुरादाबादी रेस्टोरेंट मलिक मौके से कही चला गया। जिसको कई जगह पर तलाश किया गया उसका फोन नंबर भी अब बंद आ रहा है। इस जगह पर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों ने कभी आकर नहीं देखा कि यहां पर क्या हालत हो रहे हैं? ना ही किसी भी तरह की कोई जांच की। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह बिल्डिंग पूरी तरह से अवैध बनी हुई है।
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एक्शन मोड में आया नगर निगम
बिल्डिंग हादसे के बाद संभागीय आयुक्त अनिल कुमार ने रविवार को विभागों के अधिकारियों की बैठक ली। जिसमें हर इलाके में सर्वे करने के निर्देश दिए गए। साथ ही यह भी निर्देश दिए गए कि अगर कोई अपना मकान तोड़ता है तो वह उसकी भी अनुमति ले। बिना परमिशन के मकान ढहाने वालों पर भी अब कार्रवाई शुरू होगी। साथ ही अब नगर निगम भी पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। ऐसे में अब जर्जर इमारत का सर्वे शुरू किया जाएगा और जहां पर भी लापरवाही सामने आएगी वहां कार्रवाई की जाएगी।