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Went to restaurant to eat suddenly had to pack food building collapsed shortly after in kota
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Kota News : खाना खाने गया था रेस्टोरेंट, अचानक से करवा लिया पैक, कुछ ही देर में गिर गई बिल्डिंग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा Published by: कोटा ब्यूरो Updated Sun, 08 Feb 2026 03:18 PM IST
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राजस्थान के कोटा जिले में शनिवार देर रात एक बड़ा हादसा हो गया, जब एक तीन मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के समय इमारत में संचालित एक रेस्टोरेंट में कई लोग खाना खा रहे थे, जिनमें कोचिंग छात्र भी शामिल थे। इस हादसे में 20 वर्षीय कोचिंग छात्र और 14 वर्षीय एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि 13 लोग घायल हो गए घायलों को कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल सहित अन्य अस्पतालों में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद घटनास्थल पर सिर्फ मलबा ही नजर आ रहा है और पूरी इमारत का नामोनिशान मिट गया है।
ग्राहक की सूझबूझ से बची जान इसी रेस्टोरेंट में खाना खाने पहुंचे एक ग्राहक ने बताया कि वह वहां बैठकर खाना खाने ही वाले थे, लेकिन कुछ देर सोचने के बाद उन्होंने खाना पैक करा लिया और घर जाकर खाने का फैसला किया। घर पहुंचने के करीब 15 मिनट बाद सोशल मीडिया के जरिए उन्हें इमारत गिरने की सूचना मिली। ग्राहक ने बताया कि यह वही रेस्टोरेंट था, जहां से वह कुछ देर पहले खाना लेकर निकले थे। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते उन्होंने रेस्टोरेंट छोड़ने का फैसला नहीं किया होता, तो वह भी मलबे के नीचे दब सकते थे।
हादसे में खत्म हो गई पूरी दुकान
हादसे वाली जगह के पास ही एक चाय की दुकान भी थी, जो इमारत गिरने से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। दुकान संचालक अनिल नागर ने बताया कि हादसे के समय वह और उनके पिता दुकान पर मौजूद थे और कुछ लोग चाय पी रहे थे। अचानक पास की इमारत हिलने लगी और इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, तीन मंजिला इमारत धराशायी हो गई। अनिल और उनके पिता मलबे की चपेट में आने से बच गए, लेकिन उनकी दुकान पूरी तरह नष्ट हो गई। अनिल ने बताया कि समय रहते पिता को बाहर निकाल लेने से उनकी जान बच सकी।
'बचाओ बचाओ चिल्ला रहे थे लोग'
एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी, अधिवक्ता कल्पेश अकोदिया ने बताया कि वह देर रात जयपुर से कोटा लौट रहे थे और इसी मार्ग पर उनका घर भी है। रास्ते से गुजरते समय उन्होंने भारी भीड़ और चीख-पुकार सुनी। उन्होंने बताया कि रेस्टोरेंट की इमारत गिर चुकी थी और चारों ओर धुएं का गुबार फैला हुआ था। लोग ‘बचाओ-बचाओ’ चिल्ला रहे थे। उन्होंने अन्य लोगों के साथ मिलकर मलबा हटाना शुरू किया और घायलों को निजी वाहनों से अस्पताल पहुंचाया। कुछ देर बाद रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया गया।
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