नीट पेपर लीक और दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के निर्देश पर शुक्रवार को कोटा में कांग्रेस ने सड़कों पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान नयापुरा से जिला कलेक्ट्रेट तक विशाल रैली निकाली गई। रैली में पूर्व मंत्री शांति धारीवाल, पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल, गुजरात कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष जिग्नेश मेवाणी सहित सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। जिला कलेक्ट्रेट में प्रवेश करने का प्रयास कर रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस को वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा। इसके बाद प्रदर्शनकारी आक्रोशित हो गए और पुलिस के साथ धक्का-मुक्की शुरू हो गई। हालांकि पुलिस ने बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को जिला कलेक्ट्रेट से दूर कर दिया।
तनाव बढ़ने पर पुलिस ने चलाया वाटर कैनन
रैली जैसे ही जिला कलेक्ट्रेट पहुंची, प्रदर्शनकारियों ने अंदर प्रवेश करने का प्रयास किया। पुलिस ने पहले उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल कर भीड़ को पीछे धकेला। इसके बाद कुछ देर तक मौके पर तनावपूर्ण माहौल बना रहा और प्रदर्शनकारियों तथा पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। अतिरिक्त पुलिस बल की मौजूदगी में हालात पर काबू पाया गया।
शांति धारीवाल का केंद्र सरकार पर तीखा हमला
अपने संबोधन के दौरान पूर्व मंत्री शांति धारीवाल ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण छात्रों के परिजन कर्ज के बोझ तले दब गए हैं और कई छात्रों ने आत्महत्या तक कर ली। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद केंद्र सरकार ने छात्रों की समस्याओं को सुनने के बजाय दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज कराया। धारीवाल ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी छात्रों के समर्थन में मजबूती से खड़े रहे, जबकि केंद्र सरकार ने संवाद करने के बजाय आंदोलन को दबाने का प्रयास किया।
प्रहलाद गुंजल बोले- युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश हुई
पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल ने अपने संबोधन में कहा कि 17 जून को राहुल गांधी ने कोटा आकर 'छात्रों की गूंज' के माध्यम से देशभर के युवाओं की आवाज उठाई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के अहंकार में डूबी केंद्र सरकार ने देश के युवाओं की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया। गुंजल ने कहा कि पूरे देश में युवाओं ने सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की और सरकार को अपने फैसलों पर पीछे हटना पड़ा। उन्होंने बिहार और पश्चिम बंगाल में युवाओं पर हुई कथित कार्रवाई का भी उल्लेख करते हुए केंद्र सरकार की आलोचना की।
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एक मंच पर आए धारीवाल-गुंजल लेकिन समर्थकों में गुटबाजी
एआईसीसी के निर्देश के बाद इस प्रदर्शन में कांग्रेस के दो बड़े नेता पूर्व मंत्री शांति धारीवाल और पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल एक ही मंच पर नजर आए। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे से हाथ मिलाकर एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की, लेकिन मंच पर मौजूद उनके समर्थकों की नारेबाजी ने अंदरूनी गुटबाजी की तस्वीर भी सामने ला दी। दोनों नेताओं के समर्थक अपनी-अपनी ताकत दिखाने के लिए नारे लगाने लगे। हालांकि स्थिति को भांपते हुए प्रहलाद गुंजल ने हाथ के इशारे से अपने समर्थकों को शांत कराया। उल्लेखनीय है कि कार्यक्रम से पहले दोनों नेताओं ने अपनी-अपनी रैलियां भी अलग-अलग स्थानों से निकाली थीं, जिससे संगठन के भीतर मौजूद खींचतान एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई।