शहर की रेलवे कॉलोनी थाना पुलिस ने अंतरराज्यीय चोर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। हैरानी की बात यह रही कि पकड़े गए आरोपियों में पिता, पुत्र और दो दामाद शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 31 तोला सोना और 1.40 किलो चांदी के जेवर बरामद किए हैं।
गिरोह का मास्टरमाइंड गुरु दयाल सिंह है, जो इंदौर का रहने वाला है। वह अपने बेटे गोपी सिंह और दोनों दामाद लखन सिंह (उदयपुर) और दिलीप सिंह उर्फ लक्की (दाहोद) के साथ देश के विभिन्न राज्यों में घूम-घूमकर ताले-चाबियां बनाने और ठीक करने का बहाना बनाकर घरों में घुसता था और मौका पाकर अलमारी से सोने-चांदी के गहने चुरा लेते थे।
27 मई 2025 को कोटा के मोहन सिंह ने थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि उनकी पत्नी ने घर के सामने से गुजर रहे दो चाबी बनाने वालों को अलमारी की चाबी बनवाने के लिए बुलाया। उन्होंने चाबी बनाकर दी और कहा कि दो घंटे तक अलमारी न खोलें। जब तीन घंटे बाद अलमारी खोली तो अंदर से 11 लाख रुपये की ज्वेलरी गायब थी।
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पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम के निर्देश पर जांच शुरू हुई और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालकर तकनीकी सहायता से आरोपियों की तलाश की गई। आरोपी कोटा, बूंदी, जयपुर, उदयपुर, इंदौर समेत कई जिलों में छिपते फिर रहे थे। पुलिस ने बड़ी मशक्कत के बाद गुरुदयाल सिंह व लखन सिंह को उदयपुर से और गोपी सिंह व दिलीप सिंह को इंदौर से गिरफ्तार किया।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि मास्टरमाइंड गुरुदयाल ने गिरोह में फूट न पड़े और किसी भी स्थिति में कोई भी पुलिस को कुछ न बताए, इसलिए अपने ही परिवारजनों को शामिल किया। ये लोग धार्मिक स्थलों या सस्ते लॉज में रुकते थे, जहां आईडी देने की जरूरत नहीं पड़ती थी। घर में घुसकर अलमारी के ताले की चाबी बनाते और फिर दो घंटे तक न खोलने की सलाह देकर फरार हो जाते। आरोपियों ने कोटा के अलावा जयपुर, दिल्ली, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में चोरी करना कबूला है। पुलिस अन्य मामलों में भी गिरोह की संलिप्तता की जांच कर रही है।