राजस्थान के कोटा जिले में आवारा कुत्तों का आतंक देखने को मिला, जहां शहर के अलग-अलग इलाकों में स्ट्रीट डॉग्स ने 22 से अधिक लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। घायलों में एक 5 वर्षीय बच्ची और जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय में कार्यरत नायब तहसीलदार भी शामिल हैं। सभी घायलों को उपचार के लिए विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उन्हें एंटी-रैबीज इंजेक्शन लगाए गए।
यह घटनाएं शहर के नयापुरा क्षेत्र और जिला कलेक्ट्रेट परिसर में सामने आई हैं। एक ही दिन में बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने से शहरवासियों में आक्रोश और दहशत का माहौल है। वहीं, एमबीएस अस्पताल में एक साथ बड़ी संख्या में घायलों के पहुंचने से चिकित्सक और अस्पताल स्टाफ भी हैरान रह गए।
जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय में कार्यरत नायब तहसीलदार अनुराग शर्मा ने बताया कि वह किसी कार्य से कार्यालय गए थे, तभी एक आवारा कुत्ते ने उनके पैर पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। इसके बाद उसी कुत्ते ने परिसर में मौजूद 5 से 7 अन्य लोगों को भी काट लिया। इस दौरान सफाईकर्मी भी कुत्ते के हमले का शिकार हो गए। सभी घायलों को तत्काल एमबीएस अस्पताल ले जाया गया, जहां एंटी-रैबीज इंजेक्शन लगाए गए।
इसी तरह नयापुरा क्षेत्र के मस्जिद चौक के आसपास भी एक कुत्ते ने 4 से 5 लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। शहर के विभिन्न इलाकों में कुत्तों के काटने की घटनाओं से लोगों में भय व्याप्त है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस व्यवस्था नहीं की जा रही है। वहीं, कोटा स्थित एमबीएस अस्पताल के अधीक्षक धर्मराज मीणा ने बताया कि स्ट्रीट डॉग्स के हमले की सूचना मिलते ही अस्पताल स्टाफ को अलर्ट कर दिया गया था। सभी घायलों की ड्रेसिंग कर एंटी-रैबीज इंजेक्शन लगाए गए और प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया।
इधर, नगर निगम आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार, जहां से भी किसी आवारा कुत्ते को रेस्क्यू किया जाता है, वहीं उसे तीन से चार दिन बाद वापस छोड़ा जाता है। उन्होंने कहा कि आज की घटना को गंभीरता से लिया गया है और आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।