राजस्थान के कोटा जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक भैंस और उसके बच्चे को लेकर दो लोग आमने-सामने आ गए। दोनों ही खुद को भैंस का असली मालिक बता रहे हैं। विवाद इतना बढ़ गया कि मामला सीधे पुलिस थाने तक पहुंच गया। भैंस किसकी है, यह तय करना पुलिस के लिए भी मुश्किल हो गया है। फिलहाल झगड़ा रोकने के लिए भैंस और उसके बच्चे को थाने में रखा गया है।
कुन्हाड़ी थाना अधिकारी कौशल्या गालव ने बताया कि एक भैंस और उसके बच्चे को लेकर दो दावेदार आपस में झगड़ते हुए थाने पहुंचे थे। दोनों ने पुलिस में शिकायत दी। इसके बाद पुलिस ने भैंस और उसके बच्चे को गाड़ी में लाकर थाने में रखा और असली मालिक का पता लगाने के लिए भैंस का मेडिकल भी करवाया, लेकिन इससे भी कोई साफ नतीजा नहीं निकल पाया।
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पुलिस के अनुसार, एक पक्ष बालिता रोड निवासी इंद्रजीत केवट का है। इंद्रजीत का कहना है कि उसकी भैंस करीब चार महीने पहले गुम हो गई थी। दो दिन पहले एक भैंस उसके बाड़े में आ गई, जिसे उसने बांध लिया। वहीं दूसरे पक्ष रामलाल मेघवाल का दावा है कि उसकी भैंस दो दिन पहले ही गुम हुई थी और वही भैंस उसे इंद्रजीत के बाड़े में बंधी मिली।
जब रामलाल अपनी भैंस लेने इंद्रजीत के बाड़े में पहुंचा और अपना दावा किया, तो दोनों के बीच झगड़ा हो गया। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। इंद्रजीत केवट ने इस संबंध में एसपी ऑफिस में भी शिकायत दी है, जिस पर जांच के आदेश दिए गए हैं। पुलिस ने बताया कि दोनों पक्षों ने मंदिर में खड़े होकर भी भैंस अपनी होने की कसम खाई है, लेकिन अब तक यह तय नहीं हो पाया है कि भैंस और उसका बच्चा किसका है। इसलिए दोनों दावेदारों से भैंस के मालिकाना हक से जुड़े अन्य सबूत मांगे जा रहे हैं। सबूतों की जांच के बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा।